तिकुनियां। ग्राम रननगर में वन विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। पीएसी और पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने अवैध रूप से कब्जा कर जंगल की भूमि पर बोई गई गन्ने की फसल ट्रैक्टरों से जुतवा दिया। इससे किसानों में रोष है। उधर बुधवार को वनविभाग और ग्रामीणों के बीच संघर्ष के मामले में पुलिस ने वनविभाग की ओर से 35 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन की उत्तर निघासन रेंज के रननगर वन ब्लॉक में 325 हेक्टेयर भूमि को वनविभाग अपनी भूमि बता रहा है, जबकि इस भूमि पर काफी अर्से से किसान खेती करते चले आ रहे हैं। नाप और सीमांकन के बाद बुधवार को वन विभाग की टीम, पुलिस फोर्स के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची और सुरक्षा खाई खुदवाने लगी। इसी बीच बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया था। उग्र लोगों ने जेसीबी मशीन भी तोड़ डाली थी। टीम ने किसी तरह से भागकर जान बचाई थी। पुलिस कार्रवाई से घबराए ग्रामीण गांव छोड़कर भाग गए हैं। गुरुवार को प्रशासन काफी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचा। रननगर जाने वाले मार्ग पर पीएसी जवानों को तैनात किया। जांच पड़ताल के बाद ही लोगों को गांव में आने-जाने दिया गया। दूसरे दिन वनविभाग ने छह से अधिक ट्रैक्टर चलवाकर खेतों में खड़ी हरी भरी गन्ने की फसल जुतवा दी। इस दौरान पीएसी के जवान चकरोडों पर गश्त करते रहे। एसडीएम ओपी गुप्ता, सीओ प्रदीप कुमार वर्मा, वन विभाग के एसडीओ अभिनव यादव, रेंजर दिनेश बडोला, तहसीलदार धर्मेंद्र पांडे आदि ग्राम पंचायत रननगर के मजरा गांव गौरी पुरवा में कैंप किए थे। वनविभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ कब्जेदारों में काफी गुस्सा है। किसान अब करो या मरो की रणनीति बनाकर आंदोलन के मूड में दिखाई दे रहे हैं। किसानों का कहना है लॉकडाउन के चलते उनकी कमर वैसे ही टूट गई है। अब क्या खाएंगे। ग्राम प्रधान मलूक सिंह ने बताया कि वर्ष 1955 से क्षेत्र के किसान खाली पड़ी भूमि पर अपनी रोजीरोटी चला रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान ही प्रशासन कब्जे में ले रहा है, जिससे करीब ग्राम रननगर के डेढ़ सौ परिवार भारी संकट में फंस गए हैं। उधर पुलिस ने वनविभाग की टीम पर हमले के मामले में उत्तर निघासन वन रेंज बेलरायां के फॉरेस्ट गार्ड श्याम सिंह की तहरीर पर ग्राम रननगर निवासी गुरनाम सिंह, रमन पाल, बलविंदर सिंह, जगबीर सिंह सहित 35 लोगों के खिलाफ धारा 147 148 332 336 427 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक हनुमान प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच एसआई महताब सिंह को सौंपी गई है।