मझगईं। क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुरवा निवासी सुदर्शन की शिकायत पर विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट के कड़े आदेश के बाद मझगईं पुलिस ने अपने ही विभाग के पूर्व दरोगा मुश्ताक खां और दो सिपाहियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित ने न्यायालय में बताया कि 21 जून 2025 की रात करीब नौ बजे पुलिसकर्मी उसके घर में बिना अनुमति घुस आए और तलाशी लेने लगे। विरोध करने पर उन्हें थप्पड़ मारे गए और जातिसूचक अपशब्द कहे गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी सुदर्शन को सड़क पर घसीटते हुए डंडों और लात-घूंसों से पीटा और जबरन बाइक पर बैठाकर थाने ले गए।
पीड़ित का कहना है कि थाने में उसे छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई। सुदर्शन ने तीन हजार रुपये उधार देकर भुगतान किया, जिसके बाद उसे अगले दिन चालान दे दिया गया। स्थानीय पुलिस प्रशासन से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पीड़ित को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
अब न्यायालय के आदेश के तहत मझगईं थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, एससी/एसटी एक्ट और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीओ पलिया को सौंपी गई है।