राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों की सांकेतिक हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने विकास भवन और जिला अस्पताल गेट पर बैठक कर रणनीति बनाई। जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाएं ठप रहीं। वहीं विकास भवन के सभी कार्यालयों के कर्मचारियों ने आंदोलन का समर्थन कर पेनडाउन सांकेतिक हड़ताल के कार्यक्रम में सहभागिता की। इंजीनियर महासंघ के अध्यक्ष जीएस सिंह, मंत्री जितेंद्र यादव ने साथी कर्मचारियों के साथ विकास भवन के गेट पर धरना देकर अपनी मांगे रखीं। इधर जिला अस्पताल में आरके गुप्ता, डॉ. परमानंद, डॉ. एके कनौजिया, राकेश वाल्मीकि, ओपी गुप्ता, रामराज सिंह, विवेक शुक्ला, पीएल मिश्रा, एसके सिंह, सचिन वर्मा, त्रिलोकी नाथ समेत तमाम कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में धरना दिया। कर्मचारी परिषद की मांगों का समर्थन करते हुए ट्यूबवेल टेक्रिशियन इंपलाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी प्रदर्शन किया।
कर्मचारी परिषद के संयोजक महंथ सिंह ने कहा कि कर्मचारियों और संगठन के पदाधिकारियों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया है कि प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर पूरा नहीं किया गया तो 23 फरवरी से पूर्णकालिक हड़ताल कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। निजीकरण, आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर नियमित प्रकृति के पदों पर नियमित भर्ती की जाए। ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 15 लाख किया जाए। संगठन ने कर्मचारियों के लिए 10 सूत्रीय मांग रखी है।