घटनास्थल पर रोते बिलखते परिजन।संवाद
भीखमपुर। क्षेत्र के गांव डहर के पास खेत में पड़े हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मितौली कोतवाली क्षेत्र के गांव डहर के मजरा बहोरीपुरवा निवासी 60 वर्षीय रामपाल शुक्रवार को मवेशियों के लिए घास काटने खेतों में गए थे। करीब 10 बजे घास का गट्ठर सिर पर रखकर लौट रहे थे। रास्ते में 11 हजार लाइन के लटके तार के नीचे होकर निकलने की कोशिश में घास का गट्ठर तारों में छू गया और वह करंट की चपेट में आ गए। हादसे में बुजुर्ग रामपाल की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार वालों ने मौके पर पहुंच कर पुलिस को सूचना दी। बिजली से मौत होने के बाद परिवार वालों का गुस्सा बढ़ गया। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर बिजली कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और कर्मचारियों के घटनास्थल पर आने की मांग की। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार अखिलेश मौर्य और एसओ राजू राव ने सभी को शांत कराया। शासन स्तर से हरसंभव मदद कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। रामपाल की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आरोप : झुके पोल उठाए जाते तो नहीं होती दुर्घटना
ग्रामीणों ने कहा कि कहा कि कई दिन पहले आई आंधी के बाद बिजली के खंभे झुक गए थे। इससे ग्यारह हजार लाइन के तार लटककर जमीन से पांच फुट की ऊंचाई पर आ गए थे। बिजली विभाग की ओर से झुके पोल उठाए नही गए। अगर झुके पोल को ठीक कर दिया जाता तो यह घटना नहीं घटती।