सात विधायकों और दो पूर्व मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर
दो पूर्व सांसदों के बेटों का भविष्य भी तय करेगा चुनाव
विधानसभा चुनाव में जिले के दो पूर्व मंत्रियों और छह विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है। यह चुनाव दो पूर्व सांसदों के बेटों का भविष्य भी तय करने जा रहा है। धौरहरा में दो विधायक आमने-सामने चुनाव मैदान में हैं तो मोहम्मदी ऐसी सीट है जहां के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी उसे छोड़कर धौरहरा से चुनाव लड़ रहे हैं।
निघासन से भाजपा प्रत्याशी रामकुमार वर्मा तीन बार हैदराबाद और एक बार निघासन से विधायक चुने जाने के साथ भाजपा सरकार में लोकनिर्माण और सहकारिता मंत्री भी रहे हैं। 2012 में पलिया और 2014 में निघासन में हुए उपचुनाव में वह चुनाव हार गए। इस बार उनका मुकाबला पिछले दो चुनाव में प्रतिद्वंद्वी रहे सपा के कृष्ण गोपाल पटेल के साथ बसपा प्रत्याशी जीएस सिंह से है। धौरहरा से सपा प्रत्याशी यशपाल चौधरी दो बार इसी क्षेत्र से विधायक चुने जाने के साथ सपा सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं। इस बार उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी बालाप्रसाद अवस्थी और बसपा के शमशेर बहादुर से है। बाला प्रसाद इससे पहले मोहम्मदी से बसपा विधायक थे। शमशेर बहादुर इसी क्षेत्र से बसपा विधायक हैं। लगातार दो बार चुनाव हार चुके यशपाल चौधरी के लिए भी यह चुनाव बेहद कशमकश भरा है।
सात विधायक मैदान में, एक आउट
आठ सीटों पर 2012 के चुनाव जीते विधायकों में से सात विधायक चुनाव मैदान में हैं। श्रीनगर से सपा विधायक रामसरन का टिकट कटने के बाद चुनाव से आउट हो चुके हैं। पलिया में भाजपा के रोमी साहनी निघासन में सपा के कृष्ण गोपाल पटेल, धौरहरा में बसपा के शमशेर बहादुर और भाजपा के बाला प्रसाद अवस्थी, लखीमपुर में सपा के उत्कर्ष वर्मा, गोला में सपा के विनय तिवारी और कस्ता से सुनील कुमार लाला मैदान में हैं।
दो विधायकों ने छोड़ा बसपा का साथ
पलिया से हाथी पर सवार होकर 2012 का चुनाव जीते रोमी साहनी ने इस बार भगवा चोला धारण किया है। मोहम्मदी से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए बालाप्रसाद अवस्थी ने दल ही नहीं बदला बल्कि सीट भी बदल ली। इस बार वह धौरहरा से भाजपा के प्रत्याशी हैं।
दो पूर्व सांसदों के बेटे भी मैदान में
दो पूर्व सांसदों के बेटे भी विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं। पूर्व सांसद जफर अली नकवी के बेटे सैफ अली नकवी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पलिया तो पूर्व राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर के बेटे सौरभ सिंह सोनू भाजपा प्रत्याशी के रूप में कस्ता से चुनाव मैदान में हैं। यह चुनाव इन दोनों का भी राजनीतिक भविष्य तय करेगा।