मैगलगंज हाईवे से निकल रही डग्गामार बस। संवाद
लखीमपुर खीरी। लखनऊ-सीतापुर-लखीमपुर मार्ग पर बड़ी संख्या में डग्गामार वाहनों का संचालन होने से रोजाना पांच लाख रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। ऐसा हम नहीं, बल्कि परिवहन निगम की रिपोर्ट बता रही है।
24 घंटे की चेकिंग में 98 डग्गामार वाहनों की पुष्टि होने के बाद शासन ने गंभीरता दिखाते हुए दो टीमें गठित कर दी हैं। टीमों में नामित अफसर दो शिफ्टों में सड़कों पर रहकर नियमित चेकिंग करेंगे और रोजाना इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
एक सप्ताह पहले परिवहन निगम के प्रमुख सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्देश दिए थे कि प्रत्येक संभाग में दो ऐसे मार्ग चिह्नित करें, जहां सर्वाधिक अवैध बसों का संचालन होता है। अफसरों ने जांच की तो लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर और लखनऊ-सीतापुर-लखीमपुर व अन्य मार्गों पर सबसे ज्यादा अवैध बसों का संचालन होता मिला। इसमें लखनऊ-सीतापुर-लखीमपुर मार्ग भी शामिल है। अवैध संचालन रोकने के लिए शासन ने गंभीरता दिखाते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मैगलगंज हाईवे से निकल रही डग्गामार बस। संवाद