पुलिस दफ्तरों में कई वर्षों से जमे पुलिसकर्मी नहीं बदले
डीजीपी ने साल भर से एक ही स्थान पर जमे पुलिसकर्मियों को हटाने के निर्देश दिए थे। इस आदेश के बाद एएसपी ने थानों और चौकियों से 164 सिपाहियों का तबादला तो कर दिया लेकिन उन्होंने दफ्तरों में ढाई-तीन साल से जमे सिपाहियों के साथ दरियादिली दिखाई। उनमें फेरबदल की जरूरत नहीं समझी। इससे सिपाहियों ने ही एएसपी की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा किया है।
डीजीपी ने थानों, चौकियों और पुलिस दफ्तरों में एक साल से अधिक समय से जमे सिपाहियों को हटाने के निर्देश दिए थे। जिले में इस आदेश का अफसरों ने पालन तो किया लेकिन एसपी, एएसपी, सीओ आदि दफ्तरों पर तैनात सिपाहियों पर अफसर ने दरियादिली दिखाई। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बृहस्पतिवार की रात जिले के विभिन्न थानों पर तैनात 164 सिपाहियों को इधर से उधर किया है। इस तबादले में वर्तमान समय में थानों में मुंशी का काम कर रहे सिपाही भी शामिल हैं, लेकिन दफ्तरों में लंबे समय से जमे सिपाहियों को टस से मस नहीं किया गया है। दफ्तरों में वही सिपाही तैनात किए जाते हैं, जो अफसरों के खास भरोसेमंद और चेहते होते हैं। लगातार अफसरों के नजदीक रहने से वे अपनी अच्छी पैठ भी बना लेते हैं।
दफ्तरों में तैनात सिपाहियों को भी जल्द बदला जाएगा।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी