पलियाकलां-चंदनचौकी में एकीकृत जनजाति विकास परियोजना में डीएम किंजल सिंह ने कहा कि शिक्षा के जरिए समाज की बुराइयों से लड़ना संभव है और थारू युवाओं का भविष्य शिक्षा के माध्यम से ही संवर सकता है। इसमें जो भी संभव सहयोग है वह उन्हें लगातार प्रदान भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि थारू क्षेत्र की छिपी प्रतिभाओं को निखारना और उसे मुकाम तक पहुंचाना ही लक्ष्य है और इसे पूरा करने की कवायद पूरी तौर पर चल भी रही है।
उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया। कहा कि आदिवासी पिछड़े थे और शिक्षा के प्रति उनमें लौ जगानी थी जिसके लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और यहां के युवाओं, बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। बालिकाओं को शिक्षा के लिए तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं तो उनको इंटरनेट आदि की जानकारी के लिए कार्यशाला भी शुरू कर दी गई है। जिसमें वे इंटरनेट और कंप्यूटर का ज्ञान ले रहीं हैं। युवाओं के लिए भी कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रहीं हैं ताकि वे उच्च शिक्षा हासिल कर सकें। कहा कि शिक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है और इससे थारू ही नहीं हर वर्ग का विकास हो सकता है। उन्होंने सभी से शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। कहा कि वह समय-समय पर जो भी सहयोग हो सकेगा करेंगी। कार्यक्रम का संचालन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी राय ने किया। जबकि डीएसओ आरके तिवारी, आरती राना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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108 मेधावी छात्राओं को डीएम ने दी साइकिलें
डीएम ने क्षेत्र की 108 मेधावी छात्राओं को साइकिल वितरित कीं। उन्होंने कहा कि ये साइकिलें नहीं बल्कि सपनों के उड़ान भरने का जरिया है। साइकिलें पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे और उन्होंने डीएम का आभार जताया।
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सात दिवसीय कुक्कुट पालन प्रशिक्षण का भी किया शुभारंभ
सात दिवसीय कुक्कुट पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी डीएम ने शुभारंभ किया। यह सात दिवसीय कार्यक्रम है। जिसमें पशु चिकित्सा अधिकारी क्षेत्र के 508 ग्रामीणों को मुर्गी पालन का प्रशिक्षण देंगे और इसके लिए हैदराबाद से चूजे भी मंगवाए जाएंगे। उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने की भी अपील की।