लखीमपुर खीरी। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त आहार देने के लिए प्रत्येक माह पुष्टाहार वितरण की व्यवस्था है, लेकिन तीन महीने से तेल, दाल और दलिया न मिलने से लाभार्थियों में आक्रोश है।
शिकायत के बाद भी लाभार्थियों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कुछ लाभार्थियों को एनआरएलएम की तरफ से पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन लखीमपुर, धौरहरा सहित कई ब्लॉकों में वह भी नहीं मिल रहा है।
जिले में पांच लाख से अधिक लाभार्थी हैं, जिसमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। लाभार्थियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए सरकार की ओर से पुष्टाहार वितरण किया जाता रहा है। सितंबर महीने तक पुष्टाहार वितरित हुआ, लेकिन उसके बाद नहीं बांटा गया। पुष्टाहार न मिलने से लाभार्थियों में काफी आक्रोश है।
आपूर्ति नहीं कर पा रहा एनआरएलएम
जिले में नौ ब्लॉक में पुष्टाहार तैयार करने के लिए केंद्र स्थापित किए गए हैं। यहां से पुष्टाहार तैयार कर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। डिमांड अधिक और उत्पादन कम होने से अधिकांश लाभार्थियों को समय से पुष्टाहार नहीं मिल पा रहा है। इधर, तीन महीने से नेफेड की ओर से भी आपूर्ति बंद कर दी गई है। इसी वजह से जिले में पुष्टाहार का संकट है और लाभार्थी इससे वंचित हैं।
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पुष्टाहार में मिलती है ये सामग्री
छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए 500 ग्राम तेल, 500 ग्राम दाल, एक किलो दलिया। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को 500 ग्राम तेल, एक किलो दलिया और एक किलो दाल। गर्भवती महिलाओं को 1.50 किलो दलिया, एक किलो दाल और 500 ग्राम तेल प्रत्येक माह दिए जाने की व्यवस्था है।
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तीन महीने से दाल, तेल और दलिया का स्टाक नहीं है। लाभार्थी शिकायत करते हैं, तो उनको समझाना पड़ता है।
- दीपा वर्मा, सीडीपीओ लखीमपुर
ऊपर से ही पुष्टाहार नहीं मिल पा रहा है। सितंबर के बाद से पुष्टाहार नहीं आया है। जब आपूर्ति होगी तो वितरण किया जाएगा।
सुरजीत सिंह, सीडीपीओ धौरहरा-मितौली
जिले में अक्टूबर से पुष्टाहार का वितरण नहीं हो सका है। तकनीकी कारणों से सप्लाई बंद है। यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी है। पुष्टाहार विरतण न होने की खूब शिकायतें आ रही हैं।
भारत प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी