लखीमपुर खीरी। जनपद के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका बनाई गई थी। ग्रीष्म अवकाश, भीषण गर्मी और अनदेखी की वजह से पोषण वाटिका के पौधे सूख गए हैं। ऐसे में विभाग ने नए सिरे से पौधे लगाकर पोषण वाटिका स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है।
जनपद में 3556 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। 3407 केंद्रों पर पोषण वाटिका स्थापित की जानी हैं। पोषण वाटिका में फल, आयुर्वेदिक औषधियों के अलावा साग-सब्जियों के पौधे लगाए जाएंगे। पोषण वाटिका से पैदा होने वाली सब्जियां रसोई में तैयार कर बच्चों को खिलाई जाएंगी, ताकि बच्चों को भरपूर पोषण मिल सके। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इसके लिए सभी सीडीपीओ व अन्य विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट दें, ताकि जल्द से जल्द पोषण वाटिका की पहल शुरू हो सके। शासन की ओर से महिलाओं और बच्चों के लिए वर्ष 2018-19 में आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं स्थापित करने की योजना लागू की थी। जिले में भी केंद्रों पर पोषण वाटिका स्थापित की गई थीं। पोषण वाटिका से तैयार होने वाले हरी और ताजी सब्जियों का सेवन बच्चों का कराया भी गया।
मौजूदा समय में अनदेखी और भीषण गर्मी व तेज धूप की वजह से अधिकांश पोषण वाटिका के पौधे सूख गए हैं। डीपीओ भरत सिंह ने बताया कि केंद्रों पर पोषण वाटिका स्थापित करने की कार्य योजना तैयार की गई है, कुछ केंद्रों पर जमीन की समस्या है।