मैलानी थाना क्षेत्र के गांव सौंखिया निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं फेरूलाल त्रिवेदी का निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। उनके पैतृक गांव में उनकी ससम्मान अंत्येष्टि की गई।
फेरूलाल त्रिवेदी के पुत्र लखपतिराम त्रिवेदी ने बताया कि उनके पिता सोमवार शाम को खाना खाकर सोए थे। रात में उन्हें कुछ तकलीफ महसूस हुई और कुछ ही देर में उनकी मृत्यु हो गई। बताया कि सौंखिया गांव में 15जून 1921 को उनका जन्म हुआ था। वह सुंदरलाल त्रिवेदी के इकलौते पुत्र थे। 1942 में अंग्रेजों के विरुद्ध भारत छोड़ो आंदोलन में पिता, पुत्र दोनों लोग कूद पड़े। आजादी की जंग में इनकी सक्रियता को देखकर अंग्रेजों ने उनके घर को वीरान करा दिया। देश को आजादी दिलाने और अंग्रेजों से लड़ने के लिए ये लोग घर से अन्य साथियों के साथ चले गए। कई साल तक स्वतंत्रता आंदोलन के लिए लड़ाई लड़ते रहने के बाद अंग्रेजी फौज ने पहले सुंदरलाल त्रिवेदी और उसके बाद बंडा (शाहजहांपुर) से फेरूलाल त्रिवेदी को गिरफ्तार कर लिया। शाहजहांपुर की जेल में एक दिन रहने के बाद उन्हें लखीमपुर की जेल में भेज दिया गया। मुकदमा चलने पर इन्हें 20 वर्ष की सजा हुई। आजादी के समय वह बरेली की सेंट्रल जेल में बंद थे। देश को आजादी मिलने पर उन लोगों को रिहा किया गया था।
परिवार के ही फौज से सेेवानिवृत्त नायब सूबेदार कृष्ण गोपाल त्रिवेदी ने बताया कि पं सुंदरलाल त्रिवेदी के निधन के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी में उनका नाम आया था।
निधन की सूचना पर विधायक रोमी साहनी, उनके तमाम रिश्तेदार, शुभचिंतक, एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, सीओ अवनीश्वरचंद श्रीवास्तव, एसओ मैलानी एसएन द्विवेदी आदि पहुंचे और उन्होंने फूल मालाएं चढ़ाईं। एसडीएम ने शासन की तरफ से पांच हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए दिए। लखीमपुर से आयी गारद ने सलामी दी। गांव के पश्चिम खेत में उनके पुत्र लखपतिराम त्रिवेदी ने मुखाग्नि दी।
इस मौके पर एनसीपी के जिलाध्यक्ष मकरंद सिंह एडवोकेट, प्रहलाद पटेल, ग्राम प्रधान दाताराम गुप्ता सहित तमाम लोग उनके अंतिम संस्कार में मौजूद रहे।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का है भरा पूरा परिवार
गोला गोकर्णनाथ। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित फेरूलाल त्रिवेदी अपने पीछे पुत्र लखपतिराम त्रिवेदी, बहू संगीता देवी, पौत्र रजत, अमित, रवि, परपौत्र अविरल, अभिनव सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।