फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: अब इको समिति की महिलाएं संभालेंगी दुधवा कैंटीन की कमान

विज्ञापन
दुधवा नेशनल पार्क गेट
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के नए पर्यटन सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 14 नवंबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र में कई बदलाव दिख सकते हैं। इस सत्र में सैलानियों को भोजन और नाश्ता थारू महिलाएं परोसती नजर आएंगी।
विज्ञापन

सैलानियों के लिए दुधवा में चल रही कैंटीन का संचालन की जिम्मेदारी ठेकदारों के हाथ में नहीं, बल्कि इको विकास समिति के पास होगी। इससे इको विकास समिति से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आय भी बढ़ेगी। दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से 15 जून तक चलता है। दुधवा पर्यटन परिसर में ठहरने वाले सैलानियों के नाश्ते और भोजन के लिए यहां एक कैंटीन संचालित है। अभी तक हर साल कैंटीन संचालन के लिए ठेका दिया जाता था।
ठेकेदार अधिक मुनाफे के लिए कभी भोजन की गुणवत्ता से खिलवाड़ करते थे तो कभी मनमाना पैसा वसूलते थे। सैलानियों को आमतौर पर कैंटीन से शिकायत रहती थी। इसलिए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसमें बदलाव लाने का निर्णय लिया है। 14 नवंबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र की तैयारी को लेकर शनिवार को दुधवा पर्यटन परिसर में हुई बैठक में तय किया गया कि आने वाले पर्यटन सत्र से कैंटीन की व्यवस्था ठेकेदारों को न देकर इको विकास समिति की महिलाओं को दी जाए।
विज्ञापन

इससे सैलानियों को मिलने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता में सुधार होगा और पयर्टकों को थारू थाली का स्वाद भी मिल सकेगा।
इको समितियां करेगी शहद का उत्पादन, मिलेगा दुधवा हनी
दुधवा टाइगर रिजर्व ने इको समितियों को रोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की एक अभिनव योजना बनाई है। योजना के तहत समितियों की महिलाओं को मधुमक्खी पालन के लिए बॉक्स उपलब्ध कराए जाएंगे। महिलाएं मधुमक्खी पालन कर शहद का उत्पादन करेंगी। यह शुद्ध शहद सोविनियर शॉप पर बिकेगा। दुधवा आने वाले सैलानी यहां से शुद्ध शहद भी खरीद सकेगें। दुधवा में पर्यटन सत्र के दौरान थारू हस्तशिल्प का स्टाल लगता है। यहां से सैलानी थारू महिलाओं के हाथ की बनी आकर्षक कलाकृतियां खरीद कर अपने घरों की शोभा बढ़ाते हैं। अब शुद्ध शहद के रूप में अच्छी सेहत का सामान भी ले जा सकेंगे।

कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता सुधारने और इको विकास समितियों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए आने वाले पर्यटन सत्र से दुधवा की कैंटीन की जिम्मेदारी इको विकास समितियों को देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही उन्हें शहद उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास होगा।
विज्ञापन

- ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें