हाईकोर्ट की सख्ती पर प्रदेश सरकार ने शस्त्र लाइसेंस को लेकर गंभीरता जाहिर की है। 29 दिसंबर को शस्त्र लाइसेंस की बाबत नया शासनादेश जारी किया गया है, जिसके क्रम में डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है।
अब एनपी बोर के लाइसेंस के लिए पहला शस्त्र पाने के लिए डीएम स्तर से तमाम प्रक्रियाएं पूरी कराने के बाद मंजूरी दी जा सकती है। वहीं जिन लोगों के पास पहले से एक शस्त्र है, उन्हें दूसरे शस्त्र के लिए आवेदन करने पर मंडल स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित समिति की संस्तुति के बाद ही मंजूरी मिलेगी। इसी तरह तीसरे शस्त्र के लिए लाइसेंस के आवेदन को गृह सचिव स्तर पर संस्तुति मिलने के बाद ही निर्गत किया जाएगा।
निषिद्ध बोर के लिए भारत सरकार की मंजूरी
अब निषिद्ध बोर के लिए नए शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के स्तर से मंजूरी दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
लाइसेंस पाना है तो चलाकर भी दिखाओ
नए लाइसेंस की हसरत रखने वालों को अब यह भी साबित करना होगा कि वह शस्त्र को बेहतर तरीके से चला सकते हैं। इसके लिए जिला रायफल क्लब के सहयोग से पुलिस अधीक्षक स्तर पर आवेदक का टेस्ट कराया जाएगा। इसमें पास होने वाले अभ्यर्थी को ही लाइसेंस पाने की प्रक्रिया में अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अनुमति मिलेगी।
बढ़ती उम्र पर नवीनीकरण के लिए फिटनेस जरूरी
इसी तरह उम्र के साथ ही दम-खम देखने के लिए 65 वर्ष की आयु के बाद शस्त्र लाइसेंस बरकरार रखने के लिए सीएमओ स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए फिटनेस प्रमाण पत्र दाखिल करना होगा।
यह भी होगा जरूरी
- खोखा वापसी पर ही मिलेगा कारतूस
- नहीं चलेगी बैक डेटिंग, राष्ट्रीकृत बैंक में उसी तिथि का चालान पास कराकर जमा करना होगा शस्त्र लाइसेंस।