मोहम्मदी में चकबंदी के दौरान हुई धांधली और किसान की मौत के मामले में अब सीबीआई जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट के वकील ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है।
मानवाधिकार आयोग में शिकायत भेजते हुए मोहम्मदी कस्बे के बाजार खुर्द के मूल निवासी हाईकोर्ट के वकील अजीज मंसूरी ने बताया कि मोहम्मदी में चकबंदी के नाम पर करोड़ो रुपये का घोटाला और रिश्वतखोरी हुई है। इसी के चलते किसान मूंगालाल भी मौत के मुंह में समा गया। इस बाबत मोहम्मदी थाने में चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला भी उसके परिवार वालों ने दर्ज कराया था। इसके बाद जन आक्रोश और अभिलेखों से छेड़खानी, धोखाधड़ी और जालसाजी की परतें खुलने लगीं तो मजबूरन प्रशासन को मोहम्मदी में चकबंदी बंद करानी पड़ी।
डीएम ने गंभीरता से लिया मामला
एडीएम हरिकेश चौरसिया की रिपोर्ट पर डीएम गौरव दयाल ने तीन आदेश पारित किए कि अभिलेखों में गड़बड़ी करते हुए अधिक जमीन अपने नाम दर्ज कराने वाले लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए, दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल की जाए और गड़बड़ रिकार्ड को फिर से दुरुस्त किया जाए।
हाईकोर्ट भी जाएंगे मंसूरी
मानवाधिकारों आयोग में शिकायत करने के साथ ही अजीज मंसूरी ने बताया कि जिस तरह स्थानीय पुलिस पर ऊपरी दबाव पड़ रहा है, ऐसे हालात में किसानों को न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद नहीं है इसीलिए उन्होंने जनहित से जुड़े इस मसले को मानवाधिकार आयोग में दाखिल किया है तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है, साथ ही उन्होंने बताया कि किसान मूंगालाल की मौत बेकार नहीं जाएगी वह जरूरी दस्तावेज जुटा चुके हैं, पूरे मसले की सीबीआई जांच कराने के लिए हड़ताल खत्म होते ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल करेंगे।