गौरीफंटा में कस्टम भूमि पर काटे जाते पेड़। संवाद
गौरीफंटा। भारत-नेपाल सीमा पर गौरीफंटा में वर्षों से झोंपड़ी और टिनशेड में काम कर रहे कस्टम विभाग के कर्मचारियों के लिए अब राहत की खबर है। सीमा शुल्क कस्टम कार्यालय के चार मंजिला आधुनिक पक्के भवन के निर्माण की राह में अब सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है।
दुधवा नेशनल पार्क की वन भूमि होने के कारण सीमा पर तैनात एसएसबी, कस्टम, इमिग्रेशन और पुलिस चौकी को पक्का भवन बनाने की अनुमति नहीं थी। भूमि तो आवंटित थी, लेकिन छह पेड़ों के कारण निर्माण अधर में लटका हुआ था। अब वन विभाग ने इन पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। कस्टम अधीक्षक एसके तिवारी ने बताया कि जल्द ही कुछ महीनों के भीतर चार मंजिला भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
भवन निर्माण के बाद न केवल कस्टम विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि सीमा पर स्थित इमिग्रेशन, एसएसबी और पुलिस चौकी के लिए भी भूमि आवंटन और पक्के निर्माण की उम्मीद बढ़ गई है। पेड़ों की कटाई और निर्माण की हलचल से अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भी खुशी का माहौल है।