कुछ इसी तरह की होगी किताबें-स्रोत विभाग
लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई जाने वाली किताबों में इस बार कई बदलाव किए हैं। नई शिक्षा नीति के तहत कलरव पुस्तक की विदाई हो गई है। इसके स्थान पर सारंगी, आनंदमय गणित और मृदंगम नाम की किताबों को शामिल किया गया है। परिषद ने स्कूलों में कक्षा एक और दो से संस्कृत विषय को हटा दिया है। अब कक्षा तीन से संस्कृत विषय की पढ़ाई होगी। इससे पहले कक्षा एक से लेकर तीन तक की एक ही किताब में चार विषय होते थे, लेकिन अब तीन किताबें होंगी।
पहले एक ही किताब में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय को शामिल कर बच्चों को पढ़ाया जाता था। अब हिंदी, अंग्रेजी और गणित समेत कुल तीन किताबें हो गई हैं, जबकि संस्कृत विषय को हटा दिया है। कक्षा एक और दो में संस्कृत विषय नहीं पढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि कक्षा एक और दो के लिए आने वाली पुस्तकों में हिंदी के लिए सारंगी, गणित के लिए आनंदमय तथा अंग्रेजी के लिए मृदंगम-1 होंगी। कक्षा एक में पढ़ाई जा रही पाठ्य पुस्तक कलरव की विदाई हो गई है।
तीन से आठ तक की किताबों को आपूर्ति पूरी
परिषदीय स्कूलों में नवीन सत्र से पहले किताबों की आपूर्ति को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने मांग भेजी थी। अप्रैल महीने के अंतिम दिन तक मांग के सापेक्ष किताबों की आपूर्ति पूरी हो गई है। किताबों का स्कूलों में वितरित की जा चुकी हैं। 44,37,064 किताबें मिल चुकी हैं। इनमें कक्षा तीन से लेकर कक्षा आठ तक के सभी विषयों की किताबें शामिल हैं।
कक्षा एक और दो की किताबों के पाठ्यक्रम में बदलाए किए गए हैं। इसको लेकर किताबें नहीं मिल सकी हैं। मालूम हुआ है कि मई के अंतिम सप्ताह तक किताबें विभाग को मिल जाएंगी। इसके बाद उनका वितरण कराया जाएगा।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए