तमिलनाडु की एक कंपनी का चेक हुआ बाउंस
बीते दिनों बेलरायां चीनी मिल को लगी थी 1.25 करोड़ की चपत
संपूर्णानगर। तमिलनाडु की एक कंपनी ने संपूर्णानगर चीनी मिल को 42 लाख रुपये से अधिक की चपत लगाई है। कंपनी के दिए चेक को बैंक ने बाउंस कर दिया है। यहां बता दें कि बीते दिनों बेलरायां चीनी मिल को 1.25 करोड़ की चपत लगी थी।
संपूर्णानगर की किसान सहकारी चीनी मिल द्वारा बेलरायां में फ्राड करने वाली तमिलनाडु की प्राइवेट कंपनी को चीनी की बिक्री की गई थी। इसमें बिना प्रपत्र जांच किए ही मिल व संघ के अधिकारियों ने चीनी का सौदा कर दिया था। बेलरायां चीनी मिल का मामला सामने आया तो संपूर्णानगर मिल के अधिकारियों ने जब कंपनी से मिलने वाला चेक बैंक में लगाया तो वह भी बाउंस हो गया। मामले में 42 लाख 27 हजार रुपये का चूना तमिलनाडु की प्राइवेट फर्म द्वारा चीनी मिल को लगाया गया है।
मिल की प्रधान प्रबंधक विनीता सिंह ने बताया कि चीनी खरीद अनुबंध के अनुसार, संघ से चयनित निर्यातक फर्म को आवंटित की गई चीनी का उठान बंदरगाह के रास्ते निर्यात होना था। जिस पर निर्यातक फर्म को बंदरगाह परिवहन से मिलने वाले प्रपत्र चीनी मिल को उपलब्ध कराने थे, इसी प्रपत्र के अनुसार मिल को प्रति क्विंटल के हिसाब से सब्सिडी भी मिली थी, लेकिन निर्यातक फर्म ने बंदरगाह से मिलने वाले कागज उपलब्ध नहीं कराए, जिससे सब्सिडी नहीं मिली। जब फर्म का चेक बैंक में भुगतान के लिए लगाया गया तो वह भी बाउंस हो गया। पत्रावली का अवलोकन किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर अब तक करीब 43 लाख रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। मामले को उच्चाधिकारियों से अवगत करा दिया गया है, शीघ्र ही चयनित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सवाल यह है कि बिना कागजों के ही चीनी का उठान कैसे हो गया, इस पर कोई कुछ भी बोलने को राजी नहीं है।