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लखनऊ-मैलानी रेलखंड पर जल्द दौड़ेंगीं इलेक्ट्रिक ट्रेनें

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Electric trains will soon run on Lucknow-Mailani rail section
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बांकेगंज और मैलानी के बीच काम अंतिम चरण में पहुंचा
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दिवाली पर इलेक्ट्रिक ट्रेन से यात्रा की मिल सकती है सौगात
लखीमपुर खीरी। जिलेवासियों को इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर करने का सपना जल्द पूरा होने वाला है, क्योंकि बांकेगंज-मैलानी रेलखंड के विद्युतीकरण का कार्य अब अंतिम चरण में है। कार्यदायी संस्था आरवीएनएल के अधिकारियों के मुताबिक, विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद सीआरएस (रेल संरक्षा आयुक्त) का निरीक्षण होगा। ऐसे में दीवाली पर लोगों को इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर करने की सौगात मिल सकती है। इससे कम पैसों में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा करने का मौका मिलेगा।
पिछले करीब डेढ़ साल से इलेक्ट्रिक ट्रेनों से सफर करने का ख्वाब देख रहे जिलेवासियों का सपना जल्द पूरा होने जा रहा है। बांकेगंज-मैलानी रेलखंड के विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा होने को है। इस रेल खंड पर अभी ट्रेनों की संख्या सीमित है, लेकिन विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद संख्या बढ़ने का अनुमान है। इससे मैैलानी, बांकेगंज, गोला, फरधान एवं लखीमपुर वासियों को सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर करने को मिलेगा, जबकि वर्तमान में लोग अधिक पैसा खर्च करने के बाद भी सुविधाजनक यात्रा नहीं कर पा रहे हैं।
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कार्यदायी संस्था आरवीएनएल के लोगों का कहना है कि बांकेगंज मैलान के बीच जंगल होने के कारण रेलवे लाइन का विद्युतीकरण करने में तमाम बाधाएं सामने आईं। मगर, सभी दूर हो गईं, जिससे इलेक्ट्रिकरण का रास्ता साफ हो गया। बांकेगंज से मैलानी की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। इसमें करीब 11 किलोमीटर बफर जोन है, जिसमें विद्युत लाइन बिछाने का काम दो तीन दिन पहले ही पूरा हो चुका है, जो काम रह गया है उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

सीतापुर-लखीमपुर के बीच डेढ़ साल पहले हो चुका है सीआरएस
ऐशबाग-मैलानी के बीच ब्रॉडगेज का टुकड़ों में उद्घाटन हुआ। इसके बाद एक एक्सप्रेस सहित तीन जोड़ी ट्रेनों का भी संचालन होने लगा। इसके इस रेलखंड के विद्युतीकरण का काम होना प्रारंभ हो गया। गोला तक विद्युतीकरण होने के बाद कार्यदायी संस्था ने 23 दिसंबर 2020 को सीआरएस निरीक्षण भी कराकर ट्रैक रेलवे के सुपुर्द कर दिया। मगर, इलेक्ट्रिक ट्रेन के सफर का सपना जिलेवासियों का आज तक अधूरा है।

मैलानी तक विद्युतीकरण होने के बाद ही चलेंगी विद्युत ट्रेनें
रेलवे के लोग बताते हैं कि मैलानी तक विद्युतीकरण होने के बाद ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का चलना शुरू होगा। कारण, गोला तक ही रेल लाइन का इलेक्ट्रिकरण है। ऐसे में गोला तक ही इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन जा सकेगी। इसके बाद फिर डीजल इंजन की जरूरत पड़ेगी। इस तरह ट्रेन में दोनों तरह के इंजन लगाकर संचालन मुमकिन नहीं होगा। इसलिए मैलानी तक विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद ही ऐशबाग से मैलानी तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलेंगी।
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अगस्त के पहले सप्ताह में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद रेलवे विभाग की टीम से निरीक्षण कराकर सीआरएस कराया जाएगा। रेल संरक्षा आयुक्त की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद ही रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। दिवाली तक जिलेवासियों को विद्युत ट्रेन से सफर करने की सौगात मिल सकती है। - जनन्नाथ मिश्रा, प्रबंधक, रेल विकास निगम एवं प्रभारी डालीगंज-पीलीभीत रेल विद्युतीकरण परियोजना
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