दोनों मंडियों में सचिव और संसाधन की मांग शासन से की
जिले की पलिया और तिकुनिया मंडी को जल्द ही आनलाइन (ईनेम) कर दिया जाएगा। शासन से मिले निर्देशों के क्रम में मंडी परिषद ने दोनों मंडियों में ई नेम के लिए आवश्यक साजो-सामान जुटाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि दोनों मंडियों में अभी सचिवों की तैनाती नहीं है, बल्कि दूसरे मंडी सचिवों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
बता दें कि भारत सरकार ने नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ईनेम) से पहले लखीमपुर और गोला मंडी को जोड़ा था। इससे इन मंडियों में किसानों की फसलों की बिक्री आनलाइन देश की दूसरी मंडियों में की जा सकती है। हालांकि किसानों में ईनेम के प्रति जागरूकता का अभाव है, जिससे योजना मात्र औपचारिकता बनकर रह गई है। सरकार की योजना देश की सभी मंडियों को आनलाइन कर एक-दूसरे से जोड़ना है। ताकि किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल सके और वह अपनी नजदीकी मंडी में बैठकर दूसरी मंडी में बिक्री कर सकें। लखीमपुर के मंडी सचिव राजेश यादव ने बताया कि जिले की छह मंडियों में दो आनलाइन की जा चुकी हैं। अब पलिया और तिकुनिया को आनलाइन किया जाना है, जिसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कराते हुए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। दोनों मंडियों में पूर्णकालिक सचिवों की तैनाती के साथ ही कुछ संसाधनों की मांग शासन से की गई है।