लखीमपुर खीरी। प्रधान अगर विकास कार्यों में गड़बड़ी करते हैं तो शिकायतकर्ता संबंधित गांव का व्यक्ति होना चाहिए। इसके लिए उसे शपथ-पत्र भी देना होगा। अगर जांच में मामला झूठा निकलता है तो संबंधित पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। पंचायतीराज निदेशक ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं।
पंचायत चुनाव से पहले ग्राम प्रधानों की शिकायत की बाढ़ आ जाती है। इसे रोकने के लिए यह व्यवस्था दी है। संयुक्त निदेशक एसएन सिंह ने सभी जिलों को पत्र जारी किया है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने इस संबंध में पंचायती राज निदेशक को पत्र लिखा था। इसमें मांग की गई थी कि प्रधानों के विरुद्ध शिकायत करने वाला व्यक्ति उसी ग्राम पंचायत का होना चाहिए, जिसको स्वीकार कर लिया गया है।
पंचायतीराज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि कई बार यह देखने को मिला है कि एक ही व्यक्ति के नाम बार-बार अलग-अलग पंचायतों की शिकायत आती हैं। जांच कराने पर शिकायत की पुष्टि नहीं होती है। इससे समय की भी बर्बादी होती है और कुछ निकलता भी नहीं है। नजदीक आ रहे पंचायत चुनाव को लेकर शिकायतें बढ़ जाती हैं। इसी स्थिति में शासन का यह आदेश शिकायतों पर रोक लगाएगा।