लखीमपुर खीरी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण अब तक केवल खाद्य पदार्थों में केमिकल की ही जांच करता आ रहा है। कोरोना के चलते खाद्य पदार्थों में अब सूक्ष्म जीवों की जांच कराने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस खाद्य पदार्थों के जरिए भी शरीर में जा सकता है। चाइना में आइसक्रीम में कोरोना वायरस पाया भी जा चुका है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए अब खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों की भी जांच करेगा। विभाग ने इसके लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं।
प्रदेश की लैब में अब तक खाद्य पदार्थों की केमिकल जांच किए जाने की ही सुविधा उपलब्ध थी, जिससे अब तक सूक्ष्म जीवों की जांच संभव नहीं थी। एफएसएसएआई ने इस दिशा में अपनी तैयारी तेज करते हुए प्रदेश की लैब में सूक्ष्म जीवों की जांच करने के लिए आवश्यक उपकरण मुहैया कराए हैं तो वहीं जनपदों में भी सैंपल लेने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। इस कड़ी में करीब एक माह पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मीट के नमूने लेने के लिए प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। अब नमूनों को एकत्र करके उन्हें निश्चित तापमान पर सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर समेत अन्य आवश्यक उपकरण मुहैया कराए गए हैं।
दफ्तर में जगह की किल्लत
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के दफ्तर में डीप फ्रीजर समेत अन्य उपकरण पहुंचने के बाद अव्यवस्था उत्पन्न हो गई है। जगह संकुचित होने के कारण फ्रीजर को दफ्तर में ही रखवाया गया है। ऐसे में फ्रीजर के चालू होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का बैठना मुश्किल हो जाएगा।
खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों के मिलने की संभावना
खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों की जांच शुरू होने के बाद कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकेगा। साथ ही किस तरह के सूक्ष्म जीव खाद्य पदार्थों में हैं, उसका भी खुलासा होने लगेगा।
सूक्ष्म जीवों के पनपने की संभावनाएं तरल खाद्य पदार्थों में ज्यादा होती हैं। इसके अलावा मीट, चिकन आदि में भी सूक्ष्म जीव पनप सकते हैं। इसलिए दूध, दही, पनीर, आइसक्रीम, मीट, चिकन आदि के नमूने सूक्ष्म जीवों की जांच कराने के लिए एकत्र किए जाएंगे। मीट के नमूनों की अभी तक जांच ही नहीं की जाती थी।
- कौशलेंद्र शर्मा, अभिहित अधिकारी