लखीमपुर खीरी। परिवहन निगम के बस अड्डे और वर्कशॉप को हाईवे-रिंग रोड के किनारे जमीन निशुल्क मुहैया कराई जाएगी। मुख्य सचिव ने जमीन दिलाने की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी है। इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को पत्र भी जारी किया है।
परिवहन निगम बस अड्डा शहर के बीचोबीच संचालित है। परिसर में बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। जगह की कमी के कारण यात्री सुविधाओं का भी अभाव है। बसें सड़क पर खड़ी होने से जाम की स्थिति बनती है। समस्याओं के समाधान और सुविधाओं के विकास के लिए बस अड्डे के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। कई बार प्रस्ताव भेजा गया। कई स्थानों पर बस अड्डे के लिए जगह भी देखी गई, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।
बस अड्डे की जमीन तलाशते अधिकारियों को मुख्य सचिव के पत्र से राहत मिली है। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने सभी जिलों के डीएम को पत्र जारी कर परिवहन निगम की बसों के ठहराव और आवागमन सुगमता के लिए शहरों के पास से गुजरे हाईवे, रिंग रोड या बाईपास के करीब 10 एकड़ भूमि निशुल्क मुहैया कराने को कहा है। जमीन मिलने से शहर के अंदर संचालित बस अड्डे को बाहर शिफ़्ट किया जा सकेगा और जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
बसअड्डे के लिए सात, वर्कशॉप के लिए तीन एकड़ जमीन
पत्र में कहा गया कि 10 एकड़ में सात एकड़ जमीन बस अड्डे के लिए होगी। तीन एकड़ भूमि पर वर्कशॉप व इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। शहर के बीच घनी आबादी में बस अड्डा संचालन से होने वाली समस्याओं का समाधान होगा।
वर्कशॉप न होने से डिपो में सिर्फ अनुबंधित बसें
लखीमपुर डिपो में 100 अनुबंधित बसें हैं। यह बसें लखनऊ, ऐरा-धौरहरा, गोला रूट पर ही संचालित होती हैं। अनुबंधित बस होने की वजह से कई रूटों पर डिपो की बसें नहीं चलती। यात्रियों को डग्गामार बसों का सहारा लेना पड़ता है। डिपो के पास वर्कशॉप न होने की वजह से सिर्फ अनुबंधित बसें ही संचालित होती है। परिवहन निगम की कोई बस लखीमपुर डिपो में नहीं है।