अब इन बेटियों को कमजोर कहने से पहले जरा इनके दांव-पेच देख लेना। नाजुक सी नजर आने वाली ये लड़कियां किसी मनचले पर भारी पड़ जाएं तो चौंकिएगा नहीं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल की छात्राएं जूडो-कराटे सीखकर खुद के आत्मविश्वास को मजबूत कर रही हैं।
कक्षा आठ की छात्रा निधि कहती है कि सर जी, हमे पता है कि राह चलते अगर कोई पीछे से हाथ पकड़ ले, या कोई गर्दन तक हाथ पहुंचा दे तो उसे चित करना है। मुस्करा कर बोली, कि हमने यह सीख लिया है कि अगर जरूरत पड़े तो हमें क्या करना है। अभी यह लड़कियां माहिर तो नही हुई हैं लेकिन इनके हौसले देखकर लगता है कि वक्त आने पर यह किसी फाइटर से कम साबित नही होंगी।