लखीमपुर/सिकंदराबाद। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर मजदूर की हत्या के मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। घटना के चौथे दिन पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली देख इस मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है।
नीमगांव में बीते बृहस्पतिवार की सुबह थाने के पास खेत में छप्पर डालकर रखवाली कर रहे शिवप्रसाद का शव लहूलुहान हालत में मिला था। घटना के बाद से ही परिजन हत्या का आरोप लगा रहे थे, लेकिन पुलिस इसे जंगली जानवर का हमला बता रही थी। उसी शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। हत्या के चार दिन बाद अफसरों के निर्देश पर आखिरकार पुलिस ने हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई अहम सबूत नहीं लगा है। घटना का खुलासा कर पाने में नाकाम रही नीमगांव पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। खुलासा न होते देख मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने थाने पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच तेज कर दी है।
परिजनों के अलावा किसी और से नहीं हुई पूछताछ
घटना के छह दिन बीत जाने के बाद अभी तक नीमगांव पुलिस ने मृतक के परिजनों को छोड़कर और किसी से कोई पूछताछ नहीं की है। घटना में पुलिस के हाथ किसी भी संदिग्ध तक नहीं पहुंचे हैं। इससे ग्रामीणों और परिजनों में गुस्सा है।
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नीमगांव में शिवप्रसाद हत्याकांड के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच की टीम लगाई गई है। इसके अलावा थाने की भी टीम लगी हुई है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
- शमशेर बहादुर सिंह, सीओ मितौली