बिजली सप्लाई के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी करने वाले उपभोक्ताओं को अब मीटर लगवाने के बाद ही बिजली कनेक्शन मिल पाएगा। नियामक आयोग ने बिजली चोरी रोकने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देश को सख्ती से लागू करने को कहा है। जिसे देखते हुए जिले के सभी अवर अभियंताओं को आठ सौ से अधिक इलेक्ट्रानिक मीटर जारी कर दिया गया है। ताकि उपभोक्ताओं को मीटर के लिए भटकना न पड़े।
बिजली विभाग में मीटर की कमी होने पर अमूमन अधिकारी उपभोक्ता के घर का बिजली कनेक्शन खंभे से जुड़वा देते थे और बाद में लापरवाही के चलते मीटर लगाने में लेटलतीफी होती थी। खीरी जिले में जुलाई और अगस्त महीने में विभाग द्वारा चलाए गए अभियान में चार हजार से अधिक लोगों को बिजली कनेक्शन दे दिए गए थे, लेकिन मीटर नहीं लगाए गए थे। उस समय अधिकारियों ने बाद में मीटर लगवाने की बात कहकर कनेक्शन जारी कर दिया था। इन कनेक्शनों में एक हजार कनेक्शन ऐसे हैं जहां अब भी मीटर नहीं लगाए गए हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिले के कई उपकेंद्र क्षेत्रों में अभियान की आड़ में बिना मीटर लगाए ही बिजली कनेक्शन जारी कर दिए गए है। जिस पर नाराजगी जताते हुए नियामक आयोग ने जल्द से जल्द मीटर लगाने का निर्देश देते हुए कहा है कि इसके बाद जो भी बिजली कनेक्शन दिए जाएं उनमें कनेक्शन के साथ ही मीटर भी लगा दिए जाएं, ताकि उपभोक्ता के घर हो रही बिजली खपत का आंकड़ा मीटर में दर्ज होता रहे और राजस्व को नुकसान न पहुंचे।
जेई मीटर अनुभाग मो. कामिल ने बताया कि बिना मीटर के बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इस बाबत नियामक आयोग ने पूर्व में दिए गए निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा है। अभियान में दिए गए कनेक्शनों में जो मीटर लगाए जाने हैं, उनका कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।