लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में तेंदुओं की संख्या में उत्साहजनक बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों के साथ-साथ जंगलों के बेहतर प्रबंधन से संभव हो सकी। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को तेंदुओं के अनुमानीकरण की रिपोर्ट जारी की है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक दुधवा टाइगर रिजर्व में तेंदुओं की संख्या बढ़कर 158 हो गई है। इसके अलावा 10 तेंदुए ऐसे हो सकते हैं, जो किन्हीं कारणों से गणना में शामिल नहीं किए जा सके। जबकि वर्ष 2018 की गणना में इनकी संख्या 125 आंकी गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, उप्र में 2022 के अनुमानीकरण में 371 तेंदुए पाए गए थे, जबकि 2018 में तेंदुओं की संख्या 316 थी। इस तरह प्रदेशभर में 55 तेंदुओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि केवल दुधवा टाइगर रिजर्व में ही 33 तेंदुओं की बढ़ोतरी हुई है।
प्रदेश में सबसे अधिक तेंदुए दुधवा में
प्रदेश में सबसे ज्यादा तेंदुए दुधवा टाइगर रिजर्व में पाए गए हैं। तेंदुआ बिल्ली प्रजाति का वन्यजीव है, जो आमतौर से बाघों से कुछ दूरी बनाकर जंगल के बाहरी क्षेत्र में रहता है। बाघों के संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए ) तेंदुओं के संरक्षण पर भी ध्यान दे रहा है।
तराई के जंगल से बाहर बड़ी संख्या में तेंदुए खेतों, बागों और नदियों के किनारे झाड़ियों में रह रहे हैं, इसलिए उनकी गणना नहीं हो पाती है। यदि यह तेंदुए भी गणना में शामिल किए जा सके होते तो दुधवा और आसपास क्षेत्रों में इनकी संख्या 200 से अधिक हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण खीरी वन प्रभाग में करीब 110 और बफरजोन में 200 से अधिक तेंदुए हैं। इस हिसाब से इनकी संख्या बढ़कर करीब 500 तक हो सकती है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों के साथ-साथ बेहतर वन प्रबंधन के परिणाम स्वरूप तेंदुओं की आबादी में उत्साह जनक बढ़ोतरी हुई है।