कब्जा कर लगाई गई दुकानों को हटाने का निर्देश देते लेखपाल। संवाद
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मैगलगंज। कस्बे में भारतीय इंटर कॉलेज के सामने मौजूद तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष के बाद प्रशासन की नींद खुली है। शनिवार को राजस्व निरीक्षक बृजेश वर्मा और लेखपाल राम गोविंद राना टीम के साथ तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे तो मौके पर पाया कि करीब एक साल पहले डीएम के आदेश पर जिनका अवैध कब्जा हटवाया गया था, उन्हीं लोगों ने फिर से कब्जा कर लिया है।
तालाब की जमीन की पड़ताल करने के बाद लेखपाल राम गोविंद राना ने बताया कि ऐसा लगता ही नहीं है कि यहां से कभी कब्जा हटवाया गया हो। इन सबकी रिपोर्ट बनाकर तहसील प्रशासन को भेजूंगा। जल्द ही जमीन खाली कराई जाएगी। हालांकि लेखपाल पर तालाब की जमीन कब्जाने वालों को संरक्षण देने का आरोप पहले भी लग चुका है। आखिर डीएम के आदेशनुसार कार्रवाई होने के बाद कुछ महीनों में उन्हीं लोगों ने तालाब की जमीन पर पुन: कब्जा कैसे कर लिया। यह राजस्व विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है। डीएम से जब ग्रामीणों ने तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत की, तब भी लेखपाल राम गोविंद राना आग बबूला हो गए थे और हाथ खड़े कर दिए थे। बाद में तत्कालीन एसडीएम रामदरस राम ने तालाब को कब्जे से मुक्त कराया था, लेकिन लेखपाल की लापरवाही के चलते हैं तालाब पुन: अवैध कब्जों की चपेट में आ गया। अब देखना यह है की कार्रवाई सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह जाती है या तालाब कब्जे से मुक्त हो जाएगा।
यह हैं 14 अवैध कब्जेदार
लेखपाल के मुताबिक सुलेमान पुत्र जहांगीर, हनीफ, सुलेमान पुत्र सिकंदर, प्रकाश, ओमप्रकाश शर्मा, हामिद, नूर मोहम्मद, शिवराज, छोटू, कलीम, हसन अख्तर, मुरारी, गुड्डू, राजकुमार ने तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है।