लेक्ट्रिकल और इंडस्ट्रियल केबल पर वैट दर चार प्रतिशत बढ़ाकर नौ फीसदी कर दी है।
ईई ने कसा शिकंजा-10 दिन में 20 ट्रांसफार्मर लगाने को कहा
एपीडीआरपी योजना के अंतर्गत दो साल से शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है, लेकिन जिन मुख्य बिंदुओं पर बिजली विभाग का फोकस है वहां कोई कार्य नहीं कराया गया है। मसलन जर्जर तार नहीं बदले गए हैं और न ही बिजली की क्षमता बढ़ाई गई है।
गर्मी में मोहल्लों से ओवरलोडिंग की शिकायत मिलने पर अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने सख्त रवैया अपनाया है। बिजली में सुधार के लिए कार्यदाई संस्था को 10 दिन के अंदर 100 केवीए के 20 ट्रांसफार्मर और 10 किलोमीटर जर्जर तारों की जगह एबीसी कंडक्टर लगवाने का निर्देश दिया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर के कई मोहल्लों में ओवरलोडिंग की शिकायत भी बढ़ रही है। करीब दो साल से चल रही एपीडीआरपी योजना में भी मुख्य मार्गों पर न तो जर्जर तारों को बदला गया है और न ही जरूरत के मुताबिक ट्रांसफार्मर लगाया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पिछले पांच महीने से कार्यदाई संस्था की कोई प्रगति रिपोर्ट नहीं मिली है। जबकि मेला रोड, संकटा देवी, बड़ा चौराहा, हमदर्द चौराहा, जेल रोड, खीरी रोड, गढ़ी रोड सहित कई मुख्य स्थानों पर लगे बिजली के खंभों में जर्जर तार लटक रहे हैं। गर्मी बढ़ने पर इन तारों से स्पार्किंग होने, ट्रांसफार्मरों में आग लगने और तेल बाहर आने की घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। कार्यदाई संस्था ने अब तक जहां-जहां काम कराया है, उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि अब तक मनचाहा कार्य किया गया है। जिन जगहों पर वाकई तारों को बदलने और नए ट्रांसफार्मर लगाने की जरूरत है वहां बिजली विभाग के अधिकारियों और कार्यदाई संस्था की ओर से अनदेखी की गई है। अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा का कहना है कि जर्जर तारों को बदला नहीं गया है। इससे कभी भी हादसे हो सकते हैं। कार्यदाई संस्था को 10 दिन में ट्रांसफार्मर लगवाने और एबीसी कंडक्टर लगवाने को कहा गया है।