मानदेय का भुगतान न होने से आशाओं में रोष है आशाओं ने सीएमओ को ज्ञापन
देकर मानदेय भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की
है।
आशाआें ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया है कि 42 दिवसीय विजिट फार्म
पिछले तीन सालों से जमा कराए जा रहे हैं लेकिन 31 मार्च तक कोई भी भुगतान
नहीं हुआ है। मांग की कि तय दर 250 रुपये प्रतिफार्म की दर से भुगतान कराया
जाए। आशाओं को पूर्व शासनादेश के अनुसार उच्च योग्यता के आधार पर टीकाकरण
कार्य एवं अन्य मातृ स्वास्थ्य शिशु संरक्षण के लिए प्रशिक्षण दिलाने की
मांग की जिससे एएनएम के रिक्त पदों और अवकाश आदि की स्थिति में राष्ट्रीय
कार्यक्रम बाधित न होने पाए। यह भी कहा कि आशाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह
देने के शासनादेश का अनुपालन नहीं हो रहा है तत्काल प्रभाव से इसे लागू
कराया जाए। आशाओं ने आरोप लगाया है कि संगठन की बैठकों में अपनी बात कहने
पर जिला स्तरीय अधिकारी निकाल देने की धमकी देते हैं। आशाओं ने बताया कि
ब्लाक मितौली में आशा संगिनी के पद पर चयन नहीं किया गया है। आशा
पर्यवेक्षकों की ओर से माह में 20 दिन के न्यूनतम भ्रमण जो दूरस्थ
क्षेत्रों तक होते हैं भ्रमण करने के बाद पुन: आशा संबंधित कार्य करने के
लिए समय नहीं बचता है अत: केवल आशा पर्यवेक्षक कार्य ही संगिनी से कराया
जाए। आशाओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया
तो वे आंदोलन को बाध्य होंगी। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष प्रभा
अवस्थी, ब्लाक अध्यक्ष मितौली राखी सिंह, वसीम बानो, पूनम देवी, प्रेमलता,
शैलेंद्री, विद्यादेवी, भगौती देवी, सुमन देवी, देवकी और पंक्षी देवी सहित
तमाम आशाएं शामिल थीं।