भारत से बड़ी तादाद में नेपाल भेजी जा रही खाद
पुलिस और वन विभाग खुलेआम करता है वसूली
एसएसबी का अप्रत्यक्ष रूप से मिलता है सहयोग
नेपाल-भारत सीमा पर खाकी और तस्करों के गठजोड़ का किला तोड़ पाना आसान नहीं है। कमाई के इस खेल को एसएसबी का भी अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग मिलता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन ढाई से तीन हजार बोरी यूरिया और सुपर खाद नेपाल भेजी जाती है।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के खीरी, बहराइच, पीलीभीत जिलों के तराई बेल्ट से जुड़ी खुली नेपाल सीमा बेहद संवेदनशील है। मादक पदार्थों की तस्करी से लेकर भारत विरोधी हर गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए एसएसबी समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। धान की रोपाई का सीजन शुरू होने वाला है। इससे नेपाल में खाद की मांग तेजी से बढ़ी है। थाना सिंगाही और तिकुनियां इलाके से मोहाना नदी के कई चोर और ठेके के घाटों से चौपहिया और दोपहिया वाहनों से बड़े पैमाने पर खाद नेपाल भेजी जा रही है। कोतवाली तिकुनियां क्षेत्र से तस्करी का धंधा बेरोकटोक चलता है। सुबह से ही बाइक और साइकिलों पर लोग खाद लादकर कच्चे रास्तों से आसानी से मोहना नदी पार कर खाद नेपाल पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं बेखौफ तस्कर चोर घाटों पर ट्रॉलियों से खाद डंप कर रात के अंधेरे में नाव से नदी पार कर लेते हैं। एक अनुमान के मुताबिक इन दिनों प्रतिदिन ढाई से तीन हजार यूरिया और सुपर खाद भेजी जा रही है। पखवाड़े भर पहले नेपाल पुलिस ने सीमा पर डंप की गईं करीब 900 बोरी खाद बरामद भी की थी।
इन घाटों से होती है तस्करी
हलौना घाट, कौआ घाट, मरिया घाट, जस बहादुर घाट, डॉक्टर घाट, काला कुंडा घाट, गुलरिया घाट
पुलिस के दलाल करते हैं वसूली
थाना सिंगाही और कोतवाली क्षेत्र में स्थित दुकानदारों से खरीद कर साइकिल और दोपहिया वाहनों से खाद को नेपाल ले जाने वाले तस्करों से वसूली के लिए तिकुनियां, सिंगाही और बेलरायां चौकी पुलिस ने अपने दलालों को लगा रखा है। ये दलाल सुबह से शाम तक कच्चे मार्गों पर होकर गुजर रहे इन तस्करों से अवैध वसूली करते हैं। नाम न छापने की शर्त पर दुकानदारों ने बताया कि पुलिस दुकानदारों से भी पांच रुपये प्रति बोरी वसूल करती है।
ऐसा नहीं है। जवान सीमा पर पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। हाल ही में जवानों ने एक ट्रॉली खाद बरामद कर कार्रवाई की थी। अगर ऐसा है तो आकस्मिक चेकिंग कराकर तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- मुकेश कुमार सेनानायक, तृतीय वाहिनी एसएसबी, लखीमपुर