लखीमपुर खीरी। सूबे के 427 फार्मेसी कॉलेजों की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) निरस्त हो गई है। इनमें जिले के भी चार कॉलेज शामिल हैं। करीब पांच माह पहले शासन ने इनके मानकों का भौतिक सत्यापन कराया था। मानकों पर खरे न उतरने पर इनकी एनओसी निरस्त हुई है।
फार्मेसी कॉलेजों के संचालन में चल रहे गोलमाल को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। इसकी जद में जिले के भी चार कॉलेज आए हैं। मानकों में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर शासन ने करीब पांच माह पहले इन कॉलेजों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए शासन से निर्धारित मानकों का प्रारूप भी भेजा गया था। इस संबंध में अमर उजाला में भी खबर भी प्रकाशित हुई थी।
इस पर पड़ताल करते हुए प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी थी। जांच में मानक आदि पूरे न मिलने पर शासन ने सूबे के 427 फार्मेसी कॉलेजों की एनओसी निरस्त कर सूची जारी कर दी है। इससे इनके संचालकों की नींद उड़ गई है। हालांकि संचालक इस तरह का कोई आदेश न मिलने की बात कह रहे हैं।
इस संबंध में पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य पद्मेश पंकज बताते हैं कि करीब पांच माह पहले फार्मेसी कॉलेजों की शासन के निर्देश पर जांच की गई थी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। दो दिन पहले 427 कॉलेजों की एनओसी निरस्त कर इनकी सूची जारी की गई है, जिसमें जिले के भी चार कॉलेज शामिल हैं।
ये था मामला
प्रदेश के 63 जिलों के 427 फार्मेसी कॉलेजों ने प्राविधिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत से मानकों को ताक पर रखकर एनओसी हासिल कर ली थी। एनओसी लेते समय जिन शर्तों को पूरा करना दिखाया गया था, वह मौके पर पूरे नहीं मिले। कई कॉलेजों ने तो बिना भवन बनवाए ही उसे मानक पूरा करने की जानकारी दी थी। मुख्यमंत्री के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटियों से जांच करवाई तो सच सामने आ गया। इन दोषी कॉलेजों की एनओसी निरस्त कर दी गई हैं।
जिले के ये फार्मेसी कॉलेज
- श्रीराम पाल सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ककरहा।
- गिरजा दयाल राजेंद्र प्रकाश कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सकतापुर।- कमलांचल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मैगलगंज।
- श्रीरामरतन शास्त्री महाविद्यालय कॉलेज ऑफ फार्मेसी, गणेशपुर कोठी महेशपुर।
मानकों पर खरे न उतरने वाले सभी कॉलेजों की एनओसी निरस्त करने के साथ ही मान्यता निरस्त करने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजा गया है। - केराम, निदेशक, प्राविधिक शिक्षा।