संवेदनहीनता : लखीमपुर खीरी में ई-रिक्शा से कुचलकर बच्चे की मौत के बाद शव बाहर तक लाने के लिए स्
लखीमपुर खीरी। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावों के बीच शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता का एक मामला सामने आया।
ई-रिक्शा से कुचले बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग शव बाहर तक लाने के लिए एक स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं करा पाया। मजबूर पिता को बच्चे के शव को गोद में लेकर आना पड़ा।
कस्बा खीरी से लहरपुर मार्ग पर सब्जी से भरे ई रिक्शा ने मोहल्ला बाजार निवासी तनवीर के दस वर्षीय पुत्र मोहम्मद फरहान को रौंद दिया था।
परिजनों ने बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने फरहान को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जिला अस्पताल में अवस्थाओं और लापरवाही की तस्वीर भी देखने को मिली। पिता तनवीर अपने बच्चे फरहान के शव को हाथों में लेकर एंबुलेंस तक ले गए।
अस्पताल की तरफ से न तो कोई कर्मचारी नजर आया और न ही बेबस पिता को स्ट्रेचर नसीब हो सका। इसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उधर, बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।