79 किसानों से खरीदा 769 मीट्रिक टन धान
अधिकतर क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जा रहा धान
सोमवार को सात एजेंसियों ने नहीं खरीदा एक दाना
औने-पौने दामों में धान बेचने को मजबूर किसान
राइस मिलर्स की एक सप्ताह पूर्व हड़ताल समाप्त होने के बाद भी क्रय केंद्रों पर किसानों से धान खरीद में तेजी नहीं आई है। जिले भर में खोले गए 97 क्रय केंद्रों में से अधिकतर केंद्रों पर खरीद ठप है। नौ एजेंसियों में से सोमवार को सात एजेंसियों ने एक दाना धान नहीं खरीदा। 25 दिन बीतने पर सिर्फ 79 किसानों से 769.27 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। दिवाली सिर पर होने के चलते बिचौलिए किसानों का धान औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं, जिससे एजेंसियों और आढ़तियों के बीच दुरभि संधि की आशंका जताई जा रही है।
जिले में एक अक्तूबर 2016 से सरकारी एजेंसियों ने किसानों से धान खरीद शुरू की थी, लेकिन 25 दिन बीत जाने पर भी क्रय केंद्र किसानों का धान खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। 16 अक्तूबर से राइस मिल मालिकों की हड़ताल से धान खरीद पर गतिरोध बना था, जो 19 अक्तूबर को हड़ताल समाप्त होने पर खत्म हो गया था। इसके बावजूद क्रय केंद्रों पर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे एजेंसियों के प्रबंधक लापरवाह बने हुए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो सोमवार को विपणन और एनसीसीएफ ने धान खरीदा, जबकि पीसीएफ, एग्रो, सोसायटी, केकेएन, एसएफसी, एफसीआई और यूपी कोआपरेटिव यूनियन ने खरीद नहीं की है। इनमें एग्रो, केकेएन ने सिर्फ खानापूर्ति के लिए एक-एक किसान से धान खरीदा है। जबकि सोसायटी, एफसीआई, यूपी कोआरेटिव यूनियन ने अभी खरीद शुरू नहीं की है। बताते चलें कि इस वर्ष सरकार ने दो लाख 65 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद का औसत 0.29 फीसदी है, जो सरकार और प्रशासन के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।
एजेंसियों का ये है लक्ष्य (मीट्रिक टन)
नाम एजेंसी लक्ष्य खरीद
विपणन विभाग 50,000 259.78
सोसाइटी 35,000 00
पीसीएफ 87,000 120.45
एग्रो 3,000 3.00
एसएफसी 20,000 56.86
केकेएन 10,000 2.00
एनसीसीएफ 20,000 327.20
यूपी कोआपरटिव 25,000 00
एफसीआई 15,000 00
पीसीएफ के एमडी ने मिलों से एग्रीमेंट होने के बाद धान खरीदने के निर्देश दिए हैं, जिससे उनके केंद्रों पर धान खरीद बंद है। मिलों से एग्रीमेंट की प्रक्रिया चल रही है, जो जल्द पूरी होने वाली है। केंद्रों पर धान खरीद में तेजी आई है। जिन एजेंसियों ने अभी खरीद शलुरू नहीं किी है, उनके विरूद्ध उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
-कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी