लखीमपुर खीरी/फरधान। परसेहरा बुजुर्ग के उपभोक्ता सोमवार सुबह राशन लेने कोटेदार दौलतराम के यहां पहुंचे। आरोप है कि कोटेदार ने राशन देने से इन्कार कर दिया। इस पर ग्रामीण भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें तीन माह से राशन नहीं दिया गया, जबकि हर माह अंगूठा लगवाया जाता रहा। सूचना पर पुलिस और पूर्ति निरीक्षक आशुतोष सिंह मौके पर पहुंचे।
अमीर अली, रोहित सिंह, जयप्रकाश शुक्ला, वकील सिंह, कमाल अहमद, अल्ताफ अली, मनोज कुमार सिंह, निर्भय गिरी, रहमत अली, मोहम्मद अली, सोनू सिंह, राम बाबू मिश्रा, अखिलेश कुमार, परमेश्वर, गंगाराम, संजय, संतोष सिंह, बरकत अली, रामनारायन, बुजुर्ग महिला रूपरानी, उपेंद्र और जीतेंद्र सिंह आदि कार्डधारकों ने बताया कि उन्हें जुलाई, अगस्त और सितंबर का राशन नहीं मिला। सोमवार को राशन लेने पहुंचे तो आरोप है कि कोटेदार ने दरवाजा बंद कर दिया। कोटेदार के परिवार के सदस्यों पर छत से ईंट और डंडे फेंककर भगाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। इसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई।
पूर्ति निरीक्षक आशुतोष सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्रामीणों का कहना है कि वह घंटों जांच करते रहे, लेकिन देर शाम तक कोई निष्कर्ष नहीं बताया। खजुहा गांव में अटैच कोटे के ग्राम प्रधान प्रताप सिंह ने बताया कि सप्लाई इंस्पेक्टर जांच करने आए थे। हंगामे के बाद दौलतराम का कोटा हटाकर खजुहा गांव में अटैच कर दिया गया।
बीमारी का बहाना बनाकर एंबुलेंस बुलाने का आरोप
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि हंगामे के बीच कोटेदार ने खुद को बीमार बताकर 108 एंबुलेंस बुला ली। ग्रामीणों ने उसे घर से निकलने की कोशिश बताते हुए एंबुलेंस रोक दी। बाद में उसे जाने दिया गया। कोटेदार की सीएचसी फरधान में जांच कराई गई। डॉ. पीके शुक्ल ने बताया कि जांच में कोई बीमारी नहीं मिली। इसके बाद कोटेदार को घर भेज दिया गया।
जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी ने बताया कि कोटेदार पर तीन महीने से राशन नहीं बांटने का आरोप है। विभागीय स्तर से जांच शुरू करा दी गई है। एसडीएम भी अपने स्तर से जांच करा रहे हैं। जांच में जो स्थिति सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।