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Lakhimpur Kheri News: 15 सीएचसी में से 11 पर नहीं बाल रोग विशेषज्ञ

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स​चिन गुप्ता
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लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी में अस्पतालों में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है, मगर स्वास्थ्य विभाग के पास इन बच्चों के इलाज के लिए डॉक्टर नहीं हैं। जिले के 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में से 11 पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं।
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इन केंद्रों पर एक दो साल से नहीं, बल्कि कहीं पांच साल ताे कहीं 12 साल से विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं है। भीषण गर्मी में हर केंद्र पर 25 से 30 बीमार बच्चों को लेकर अभिभावक पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव के चलते फिजिशियन ही दवा दे रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष गुप्ता का कहना है कि चार सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ के साथ जिला पुरुष और महिला अस्पताल में भी तैनाती है।
कुछ जगहों पर वहां की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ तैनात हैं। कई जगहों पर फिजिशियन एवं पीडियाट्रिक के विशेषज्ञ तैनात हैं। बता दें कि सीएचसी बेहजम, बाकेगंज, गोला और नकहा में ही बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है।
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यहां नहीं हैं बाल रोग विशेषज्ञ
सीएचसी फूलबेहड़, पसगवां, मितौली, खमरिया, निघासन, फरधान, ईसानगर, रमियाबेहड़, पलिया, धौरहरा और मोहम्मदी में वर्षों से बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है।


छह साल पहले बाल रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ, तब से पद खाली
पलियाकलां/धौरहरा/मोहम्मदी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब छह साल से बाल रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। वर्ष 2018 में डाॅ. एसके चौधरी तैनात थे। उनके उसी साल चले जाने से पद खाली हो गया। तब से किसी की तैनाती नहीं हुई। रोज करीब 20-30 बच्चों की ओपीडी होती है। धौरहरा सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ व महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ऐसे में बच्चों के इलाज ओर डिलीवरी ऑपरेशन के लिए महिला मरीजों को जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है। 25 से 30 बच्चे रोज सीएससी पहुंचते हैं। सीएससी अधीक्षक रवि सिंह का कहना है कि कई वर्षों से बाल चिकित्सक व महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। उच्चाधिकारियों को कई बार पत्राचार किया है। मोहम्मदी सीएचसी में भी बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। यहां बच्चों का उपचार बीएएमएस और यूनानी डॉक्टर करते हैं। सीएचसी में प्रतिदिन लगभग 450 नए रोगी और 350 के करीब पुराने मरीज आते हैं। सीएचसी अधीक्षक मोहम्मदी डॉ. मयंक मिश्रा का कहना है कि बालरोग विशेषज्ञ के लिए जिला मुख्यालय को लिखा पढ़ी पहले ही की जा चुकी है। जिले से चिकित्सक आएंगे, तभी नई तैनाती हो सकेगी। संवाद

सचिन गुप्ता

सचिन गुप्ता

सचिन गुप्ता

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