लखीमपुर खीरी। धौरहरा इलाके में बेंटी-चांदीभानपुर-तंबौर मार्ग पर शारदा नदी के ढेबर घाट पर पुल निर्माण के लिए शासन ने 41.69 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। पुल बनने से लखीमपुर, सीतापुर, बहराइच और नेपाल बॉर्डर तक आवागमन सुगम होगा। तटवर्ती गांवों के लोगों को नाव से नदी पार करने की दुश्वारियों से मुक्ति मिल जाएगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद की पहल पर शासन ने पुल निर्माण के लिए 166.75 करोड़ की धनराशि मंजूर की है।
शारदा नदी के ढेबर घाट पर स्वीकृत पुल के निर्माण के लिए बृहस्पतिवार को शासन ने 41.69 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। प्रस्तावित स्थल पर 1751 मीटर लंबा दो लेन का पुल बनाया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि पुल बन जाने के बाद आमजन को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कचहरी, तहसील व व्यावसायिक संस्थानों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।
प्रस्तावित पुल का संपर्क लखीमपुर की तरफ चार किमी पर सिसैया-ईसानगर-कटौली मार्ग होकर लखीमपुर-बहराईच मार्ग (एनएच-730) से होगा। वहीं सीतापुर की ओर पांच किमी पर लहरपुर-तम्बौर मार्ग होकर तम्बौर-रेउसा मार्ग से जुड़ेगा। अभी तक प्रस्तावित स्थल पर कोई सेतु न होने के कारण लोगों को नाव से नदी को पार करनी पड़ती है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। पुल बन जाने से पांच लाख से ज्यादा की आबादी लाभान्वित होगी।
इन गांवों के लोगों को मिलेगी सुविधा
शारदा नदी के ढेबर घाट पर सेतु बन जाने से लखीमपुर और सीतापुर जिले के सिसैया कलां, तम्बौर, अकबरपुर, रायपुर, फूलपुर, लखानीपुर, ईसानगर, ईसापुर, गोपालपुर, क्रमाना, बिसवां खुर्द, मानपुर, मल्लापुर, तरजगंज, हरिहरपुर, धवनिया, बेलदवा, अटवी, चहलुआ, रमवापुर, बेहटा, फततेपुर, खमरिया, बतेला, बदलिया, रमुआपुर, माखू बेहर, सुमाली, सपाह, नानुही, पारेई, गौहानिया, बेलवा, सेमरिया, हरखी बेहर, चांदी, भानपुर, औरंगाबाद आदि गांवों की पांच लाख से अधिक आबादी लाभान्वित होगी।