पलियाकलां। सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में पलिया के किसान तो खुश हैं, लेकिन चीनी मिल समय से उनका भुगतान नहीं करती। जिसके कारण वह आर्थिक तंगी का सामना करने को मजबूर हो जाते हैं।
किसानों का कहना है कि गन्ने का मूल्य बढ़ा, इसकी खुशी है लेकिन सरकार अगर समय से उनको गन्ना मूल्य का भुगतान कराए तो किसानों को कहीं भी उधार और कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी किसान कर्ज में डूबा है, पिछला आ जाता है तो नवीन सत्र का गन्ना भुगतान रोक लिया जाता है। जिससे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।
-
पलिया के नगला गांव निवासी किसान रामदुलारे अवस्थी ने कहा कि सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में वृद्धि का वह स्वागत करते हैं। लेकिन सरकार से एक निवेदन भी करते हैं कि चीनी मिलों को निर्देशित करें कि वह जिस हिसाब से किसानों से गन्ना खरीदें, उसके आधार पर उसका भुगतान करें। भुगतान के मामले में मिलें फिसड्डी साबित हो रही हैं।
पलिया के किसान हरप्रीत सिंह ने कहा कि कितना भी मूल्य वृद्धि कर ली जाए लेकिन चीनी मिलें अपने देरी से भुगतान करने के मामले से बाज आने वाली नहीं हैं। मूल्य वृद्धि तो ठीक है लेकिन चीनी मिलों पर भी सरकार अंकुश लगाए कि वह गन्ना किसानों का भुगतान समय से करती रहे।
-
पलिया के किसान पंकज का कहना है कि सरकार ने दाम बढ़ाए हैं, इसके लिए धन्यवाद देते हैं। चीनी मिल ने पुराना बकाया तो दिया लेकिन नए बकाया में अभी तक मिल की तरफ से कोई हलचल सामने नहीं आई है। सरकार भुगतान 14 दिन के अंदर दिलाए तो इस बढ़ोतरी का फायदा किसानों को मिलता दिखेगा।
पलिया के किसान रामदुलारे अवस्थी।
पलिया के किसान रामदुलारे अवस्थी।