धौरहरा। कफारा के किसान गंगा सिंह कई दिनों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं लादकर क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें बारदाना न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। यही हाल पूरे तहसील क्षेत्र का है, जहां नौ दिन बाद भी गेहूं खरीद शुरू नहीं हो सकी है।
तहसील क्षेत्र में 14 गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं, लेकिन किसी भी केंद्र पर अब तक बारदाना नहीं पहुंचा है। सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये तय किया है, मगर खरीद न होने से किसान मजबूरी में बिचौलियों को 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल में फसल बेच रहे हैं।
धौरहरा के रमाशंकर शुक्ला, नंदकिशोर, दिलीप निगम और अनंत कुमार शुक्ला समेत कई किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। बारदाना न होने से न तो तौल हो रही है और न ही खरीद शुरू हो पा रही है। स्थिति यह है कि कई किसान खुले में गेहूं रखने के लिए मजबूर हैं। मौसम खराब होने पर फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। साथ ही बार-बार आने-जाने से लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि सरकार की समर्थन मूल्य पर खरीद की घोषणा के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं।
धौरहरा तहसील क्षेत्र में 14 क्रय केंद्र हैं। अभी किसी भी केंद्र पर बारदाना नहीं पहुंचा है। एक सप्ताह में बारदाना मिलने की उम्मीद है, इसके लिए व्यापारियों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
-राजेश राम, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी
सेंटरों पर बोरे अब तक क्यों नहीं पहुंचे, इसकी जानकारी कर रहे हैं। किसानों का गेहूं हर हाल में तोला जाएगा।
-शशिकांत मणि, एसडीएम धौरहरा