बदलते कानून में किशोर अपचारी
निर्भया कांड के बाद किशोर अपचारियों को दो भागों में बांट दिया गया था। जिसमें एक वर्ग 18 वर्ष से कम लेकिन 16 वर्ष से अधिक का है। दूसरे वर्ग में ऐसे अपचारी किशोरों को सम्मिलित किया गया है, जो 16 वर्ष की आयु से कम हों। इनका मामला किशोर न्याय बोर्ड में चलेगा, लेकिन प्रथम श्रेणी वाले किशोर अपचारियों के मामले अपर जिला जज की अदालत में ही चलने की बात कही गई है। लिहाजा पांचवें आरोपी का मुकदमा एडीजे राहुल सिंह प्रथम की अदालत में ही चल रहा है। जिसमें सुनवाई के लिए 14 अगस्त की तारीख मुकर्रर की गई है।
ये था मामला
14 सितंबर 2022 को मां के सामने ही आरोपी अनुसूचित जाति की दोनों बहनों को बाइक पर बिठाकर अगवा कर ले गए थे और दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या कर दी थी। आत्महत्या दिखाने के लिहाज से शव को पेड़ से लटकाकर आरोपी भाग गए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। सुनील उर्फ छोटू के अलावा अन्य सभी आरोपी मृतका के पड़ोस के गांव के ही थे। मामले में 15 सितंबर को मुकदमा दर्ज करने के 14 दिन के अंदर ही 28 सितंबर को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।