शासन ने अवमुक्त की स्वीकृत धनराशि
शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कराएगी कार्यदायी संस्था
जिले में अब महिला पुलिस कर्मियों को रहने की दिक्कत नहीं होगी। जिला मुख्यालय से भेजे गए नई महिला बैरक बनाने के प्रस्ताव को शासन ने हरी झंडी दे दी है। साथ ही निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है। इस महिला बैरक का निर्माण पुलिस क्लब के ठीक सामने स्थित पड़ी जगह पर किया जाएगा।
जिले में महिला बैरक के नाम पर सिर्फ एक बैरक थी। इससे महिला सिपाहियों को रहने के लिए काफी असुविधा होती थी। उन्हें शहर में किराए के मकान में रहना पड़ता था। इससे उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें पुलिस लाइन में ही आसरा मिलेगा। एसपी ने महिला कर्मियों के रहने की समस्या को देखते हुए पुलिस लाइन में एक महिला बैरक बनाए जाने का प्रस्ताव पीएचक्यू इलाहाबाद भेजा था। इस प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी देते हुए निर्माण का जिम्मा यूपी आवास निर्माण निगम को सौंपा है। इस बैरक के निर्माण कार्य पर करीब 29 लाख रुपये खर्च होंगे।
महिला आरक्षी बैरक बनाए जाने के लिए पुलिस क्लब के सामने की जमीन आवंटित की गई है। दो मंजिल बनने वाली बैरक में मेस, डायनिंग हॉल, बाथरूम आदि सुविधाएं होंगी। कार्यदायी संस्था यूपी आवास निर्माण निगम के जेई ने जमीन का स्थलीय निरीक्षण कर लिया है। जल्द ही बैरक का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बैरक के बनने के बाद महिला आरक्षियों को रहने की काफी सुविधा हो जाएगी।
दीपेंद्र नाथ चौधरी, एएसपी