ृद्ध महिला वोटर को समझाती युवा टीम
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गोला गोकर्णनाथ। विधानसभा चुनावी रण का बिगुल बज चुका है। उम्मीदवारों ने राजनीतिक चौसर खेलनी शुरू कर दी है। नेताजी दिन-रात एक कर जनता की नब्ज टटोलने में लगे हैं, लेकिन वोटर हैं कि चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं, जिससे उम्मीदवारों की बेचैनी बढ़ रही है। उधर, चुनावों में नेताओं की पैंतरेबाजी देख देखकर जनता ने भी राजनीति सीख ली है। हाथ में पम्फलेट थमाते ही जब नेता जी पूछते हैं कि अम्मा अबकी वोट कहिका दिहउ- तो अम्मा भी कह देती हैं कि-भइया तुमसे बढ़िया कउनउ नाहीं तुमहे जितिउ।
इस बार के विधानसभा का रंग ढंग चुनाव कोरोना महामारी के दौर में निर्वाचन आयोग की सख्ती के चलते बदल गया है। कमोबेश सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार दिए हैं। चुनाव प्रचार डिजिटल हो गया है। इसलिए पार्टियां और उम्मीदवार उम्र दराज समर्थकों के बजाय युवा समर्थकों पर अधिक भरोसा जताते हुए युवा समर्थकों की दर्जनों टोलियों को चुनाव प्रचार में उतार दिया है।
उम्मीदवारों ने युवा समर्थकों की टोलियां बनाकर विधानसभा क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांट दिया है। डिजिटल चुनाव प्रचार के लिए उम्मीदवारों के वार रूम तैयार हैं, फेसबुक, व्हाट्सएप, मैसेंजर के नए-नए ग्रुप की सोशल मीडिया पर भरमार है। उम्मीदवारों ने युवा समर्थकों को लग्जरी कारें, उत्साही और क्रिएटिव समर्थकों को एंड्राइड मोबाइल और लैपटॉप दे दिए हैं। इतना ही नहीं कि यह युवा समर्थक इस तरह चुनाव प्रचार कर रहे हैं कि समझना मुश्किल है कि किसी पार्टी के समर्थक हैं वॉलंटियर।
कार्यालय में उम्रदराज तो क्षेत्र में युवाओं को सौंपी जिम्मेदारी
सभी दलों ने उम्र दराज पार्टी कार्यकर्ताओं को कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी है। जबकि युवाओं को मैदान में उतारा है। जबकि रैली व सभा पर रोक के बाद प्रत्याशी डोर टू डोर संपर्क कर पैदल ही हांफ रहे हैं। चुनाव प्रचार डिजिटल होने से चुनावी खर्चों में काफी कमी आई है। फिर भी उम्मीदवार कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रहे। इसलिए किसी न किसी बहाने लोगों की जेब भी गर्म कर रहे हैं।
गोला विधानसभा में चुनाव प्रचार का यह अंदाज देखिए- फोटो : LAKHIMPUR