बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों चल रही हाथियों की गिनती में नेपाल से आए मेहमान हाथी मुसीबत बन गए हैं। गणना के दौरान डीटीआर जंगल में मौजूद सभी हाथियों को गिनती शामिल किया जाएगा और यह संख्या वन विभाग के रिकॉर्ड में भी दर्ज की जाएगी, लेकिन इनके नेपाल वापस चले जाने के बाद मौजूदा समय में गणना में शामिल किए गए हाथियों की संख्या कम हो जाएगी।
नेपाल के जंगली हाथियों को दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल की आबोहवा काफी रास आती है। जिसके चलते पिछले कई वर्षों से नेपाल के शुक्ला फाटा और वर्दिया नेशनल पार्क से निकलकर नेपाली हाथियों के कई झुंड डीटीआर के जंगल में प्रवास के लिए आते हैं। यहां कुछ दिन या कुछ महीने रहने के बाद वापस नेपाल चले जाते हैं। इन दिनों दुधवा नेशनल पार्क के दक्षिण सोनरीपुर रेंज और कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग के ट्रांस गेरुआ क्षेत्र में हाथियों के कई झुंड विचरण करते दिखाई पड़ रहे हैं। वनाधिकारियों के मुताबिक नेपाल से आए हाथियों के झुंड में 100 से अधिक हाथी और उनके बच्चे शामिल हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों हाथियों की गणना चल रही है। वन कर्मियों की टीमें हाथियों को देखकर उनकी गिनती दर्ज कर रही है। यदि ये मेहमान हाथी भी गिनती में शामिल हो जाएंगे तो हाथियों संख्या बढ़कर 300 तक पहुंच जाएगी। जबकि वर्ष 2022 में दुधवा टाइगर रिजर्व में हाथियों की गणना में दुधवा नेशनल पार्क में 125 और बफरजोन में 24 हाथियों को मिलाकर कुल 149 हाथी होने की पुष्टि हुई थी। इन मेहमान हाथियों के गिनती में शामिल किए जाने के बाद एक साल के अंदर हाथियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन इन मेहमान हाथियों के जाने के बाद इनकी सटीक संख्या पर सवालिया निशान लग रहा है।
डीटीआर के जंगल में मौजूद सभी हाथियों की गिनती की जा रही है। हाथियों को देखकर और कैमरा ट्रैपिंग के जरिए हो रही गणना में शामिल सभी हाथियों की गिनती वन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज होगी।
-बी. प्रभाकर, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, दुधवा टाइगर रिजर्व