लखीमपुर खीरी। नगर पालिका परिषद लखीमपुर में संविदा और ठेका कर्मचारियों के मानदेय से काटा जा रहा ईपीएफ कर्मचारियों के यूएएन खातों में नहीं जमा किया गया। बीते पांच साल में करीब सवा करोड़ का चूना कर्मचारियों को लगाया गया। इस मामले में कंपनियां बदलती गईं मगर कर्मचारियों से ठगी का सिलसिला भी साथ चलता रहा। अब भी कर्मचारियों के मानदेय से पैसा काटा जा रहा है। कर्मचारियों को नई पालिकाध्यक्ष से उम्मीद है कि वह उनका हक दिलाएंगी।
नगर पालिका में करीब 15 वर्षों से तैैनात संविदा और ठेका कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखकर उनके मानदेय से ईपीएफ के नाम पर धनराशि की कटौती की जाती है, लेकिन यह राशि उनके यूएएन एकाउंट में जमा नहीं की जा रही। कर्मचारियों के मांगने पर भी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। कर्मचारियों का आरोप है कि फर्म ने करीब सवा करोड़ का घपला किया है। लगातार विरोध के बाद मामला जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचा लेकिन कर्मचारियों को कहीं से कोई राहत नहीं मिली।
पालिका प्रशासन ने आर्यन ग्रुप को ब्लैक लिस्ट कर दिया। उसकी जगह दूसरी फर्म को काम सौंपा गया। इस तरह कई फर्म बदलती रहीं मगर कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिला। ईओ संजय कुमार के मुताबिक नई फर्म ने ईपीएफ का भुगतान कर्मचारियों के यूएएन खातों में जमा कर दिया है, जबकि एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी तक धनराशि खातों में नहीं भेजी गई है।
जिसे टेंडर दिया... उसी ने किया घपला
2018 से से लेकर दिसंबर 2020 तक लखनऊ की साधना सिक्योरिटी नाम की फर्म ने काम किया। नगर पालिका के अधिकारी लगातार फर्म को भुगतान करते रहे लेकिन किसी ने भी कर्मचारियों के भविष्य पर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में उक्त फर्म ने करीब 25 महीनों में करीब 45 से लेकर 48 लाख रुपये कर्मचारियों के दबा लिए। विरोध के बाद इस फर्म का टेंडर निरस्त करते हुए दूसरी फर्म अवनी परिधि लखनऊ के नाम टेंडर किया गया। तीन महीने तक इस कम्पनी ने कार्य किया और सभी कर्मचारियों के खातों में ईपीएफ की धनराशि भी जमा करायी मगर पालिका अधिकारियों ने इस फर्म का टेंडर निरस्त करा दिया और काम आर्यन ग्रुप को दिया। आर्यन ग्रुप ने मार्च 2023 तक कार्य किया। इस फर्म ने भी कर्मचारियों की रकम गटक ली। अब एक नई फर्म काम कर रही है, जिसकी जानकारी नहीं दी गई।
विभागीय कर्मचारी को बचाने में जुटे जिम्मेदार
ईपीएफ मामले को लेकर ईओ संजय कुमार ने फर्मों को नोटिस जारी करने की बात कह रहे हैं लेकिन फर्मों की तरफ से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं आया। अब नवनियुक्ति चेयरमैन डा. इरा श्रीवास्तव ने नगर पालिका के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई न करते हुए फर्मों को दोबारा नोटिस, जवाब न देने की दशा में मुकदमा तक लिखवाने की बात कह रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नगर पालिका के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो, न कि फिर फर्म पर।
पुरानी फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। हाल ही में एक नई फर्म को टेंडर दिया गया है। इस बार फर्म ने कर्मचारियों को ईपीएफ भुगतान भी किया है। फर्मों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार, ईओ नगर पालिका लखीमपुर
कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर संबंधित फर्म को नोटिस दिए जाएंगे। पहले क्या हुआ नहीं पता लेकिन यदि अब फर्म की तरफ से कोई जवाब नहीं आएगा तो फर्म मालिक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। कर्मचारियों का शोषण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष नगर पालिका लखीमपुर