बांकेगंज। नेपाली हाथियों का एक दल शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से चलकर दुधवा टाइगर रिजर्व आ पहुंचा है। इस दल में हाथियों की संख्या करीब 21 बताई जा रही है। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने हाथियों की निगरानी शुरू कर दी है।
दुधवा के जंगल में हर साल की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी से पहले नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से निकला हाथियों का दल शारदा नदी को पार कर हजारा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज से बफरजोन भीरा की महराजनगर बीट होते हुए बुधवार भोर किशनपुर सेंक्चुरी में आया। वहां से हाथियों का यह झुंड सीधे मड़हा कोठी पहुंचा और वहां डेरा डाल दिया है।
रास्ते में इन हाथियों ने जंगल में काफी उत्पात मचाया और कई पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया। गनीमत यह रही कि हाथी किसी रिहाशयी इलाके में नहीं पहुंचे और किसानों की फसलों को अभी तक कोई क्षति नहीं पहुंचाई है। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक ने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीमें लगाई गईं हैं। जो लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
अपने पुरखों के रास्ते का ही अनुसरण कर रहे हाथी
नेपाल से आने वाले हाथी अपने पुरखों के रास्ते पर ही चल रहे हैं। उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए वही रास्ता अपनाया, जो उनके पुरखे अपनाते रहे हैं। पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि नेपाल से गणेश चतुर्थी के पहले यहां आकर हाथी दिवाली तक प्रवास करते हैं। दुधवा पार्क प्रशासन जहां इन मेहमानों की मेहमाननवाजी में लगा है, वहीं बफरजोन के महुरेना,जटपुरा बीट आदि जंगल के आसपास रहने वाले किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है।
हाथियों ने धान और गन्ने की फसल उजाड़ी, खेतों में मचाया उत्पात
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचने से पहले नेपाली हाथियों के दल ने जिला शाहजहांपुर की खुटार रेंज जंगल से सटे खेतों में जमकर उत्पात मचाया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज से चलकर हाथियों का दल बुधवार रात करीब दो बजे खुटार रेंज जंगल से सटे गइया फार्म में पहुंचा। जहां हाथियों ने किसान जागीर सिंह और बलबीर सिंह के खेतों में खड़ी तीन बीघा धान और एक बीघ गन्ने की फसल रौंद डाली।
हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर जागे किसानों ने शोर मचाकर बमुश्किल हाथियों को खदेड़ा। यहां से चलकर हाथियों के झुंड ने मड़हा जंगल में डेरा डाल दिया है। दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक पीके पांडेय ने बताया कि वन कर्मियों की टीम किशनपुर सेंक्चुरी में मौजूद हाथियों के दल की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है।