गोला गोकर्णनाथ/अलीगंज। राजकीय जमुना बाद फार्म के प्रखंड छह में बुधवार की सुबह झाड़ियों के बीच रात्रि चौकीदार का क्षत-विक्षत शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे मृतक के परिजन ने हत्या की आशंका जताते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से मना करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कोतवाली पुलिस घटना को वन्य जीव का हमला मान रही है, जबकि वन विभाग के अधिकारी घटना को संदिग्ध मान रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बक्खारी निवासी 45 वर्षीय हरिराम राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र जमुना बाद के प्रखंड नंबर 6 में दैनिक श्रमिक रात्रि चौकीदार था। हरिराम की ड्यूटी शाम 5:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक रहती थी। परिजन ने बताया कि वह रोज की तरह बाइक से ड्यूटी पर गया था। वह झोपड़ी में रहकर चौकीदारी करता था। बुधवार की सुबह हरिराम का शव पास की झाड़ी में क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। पास में ही उसकी चप्पल, बाइक और कपड़े पड़े थे। सूचना पर पहुंचे मृतक हरिराम के परिजन भाई तिलकराम, ऊधनलाल, दिलीप कुमार, पृथ्वी पाल, पत्नी हरदेई, पुत्री रंजना आदि ने हत्या का संदेह व्यक्त करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। मुआवजे और मृतक के किसी एक परिजन को नौकरी की मांग को लेकर देर शाम तक हंगामा चलता रहा। हंगामा शुरू होते ही जमुना बाद फार्म प्रक्षेत्र के अधिकारी कर्मचारी अपने कार्यालयों और मौके से नदारद हो गए। हालांकि अधिकारियों के समझाने और कार्यवाही का आश्वासन देने पर परिजन माने तब जाकर देर शव को पोस्टमार्टम को भेजा।
परिजन ने जताई हत्या की आशंका
मृतक की पुत्री रंजना ने बताया कि उसके पिता के पास मंगलवार को किसी का दिन में तीन-चार बजे कई बार फोन आया था। पुत्री का कहना है कि प्रखंड पर 6 चौकीदार कार्यरत हैं लेकिन मौके से इंचार्ज गौरव, मैनेजर संजीव कुमार भाग गए हैं। पुत्री और परिजन का कहना है कि हरिराम को किसी जंगली जानवर ने नहीं मारा बल्कि उनकी हत्या की गई है। मृतक हरिराम अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र ज्ञान प्रकाश (25), दयाशंकर (10), कृपाशंकर (7 ), अनीता (27) , क्रांति (23), उमा देवी (22), रंजना (18), गोल्डी (15) को छोड़ गया है।
जमुना बाद फार्म के प्रक्षेत्र में देखे गए थे बाघ-बाघिन और शावक
राजकीय कृषि बीज संवर्धन प्रक्षेत्र जमुना बाद फार्म गोला वनरेंज की पूर्वी बीट में आता है। प्रक्षेत्र प्रबंधक संजीव कुमार सिंह ने बताया कि 14 अगस्त को क्षेत्र में बाघ, बाघिन और शावक देखे गए थे। जिसकी लिखित सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। घटना वन्य जीव के हमले की प्रतीत हो रही है। सूचना मृतक के परिजन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है।
प्रथम दृष्टया मामला वन्यजीव के हमले का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर मृत्यु का कारण स्पष्ट होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार सीओ गोला।
घटनास्थल के पास कहीं भी किसी भी वन्य जीव के पगचिह्न नहीं मिले हैं। अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मृत्यु का कारण स्पष्ट होगा। वन्यजीवों की निगरानी के लिए वन कर्मियों की अलग-अलग टीमें लगा दी गई हैं।
संजीव कुमार तिवारी, रेंजर गोला वनरेंज