हाथियों के पैरों के निशान। स्रोत : ग्रामीण।
बांकेगंज। किशनपुर अभयारण्य में दो दिन से डेरा डाले चार टस्कर हाथी रविवार रात गोला-खुटार मार्ग पार कर दक्षिण खीरी वन प्रभाग की मोहम्मदी रेंज के जंगल में पहुंच गए। इन हाथियों ने पहाड़नगर गांव के पास किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन निगरानी टीमों ने उन्हें खदेड़ दिया। अब यह हाथी सहजनियां बीट के जंगल में हैं।
नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क से चार टस्कर हाथी किशनपुर अभयारण्य में पहुंचे थे। दो दिन यहां प्रवास के दौरान हाथियों ने बांकेगंज कस्बे से सटे पहाड़नगर गांव के खेतों में फसलों को आंशिक क्षति पहुंचाई। फिर मड़हा के जंगल पहुंचे थे। रविवार रात मड़हा जंगल से निकलकर यह हाथी बफरजोन मैलानी रेंज के पहाड़नगर, बरौंछा, भूड़ गांव के किसानों की फसलों को रौंदकर बर्बाद कर डाला।
निगरानी टीमों के खदेड़ने से यह बड़ी नहर पार कर महुरेना रेंज जंगल में पहुंचे। यहां से हाथी गोला-खुटार हाईवे पार कर सोमवार सुबह मोहम्मदी रेंज जंगल की सहजनियां बीट में जा पहुंचे। वहां इन हाथियों ने अभी तक किसानों की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाया। निगरानी टीमों के मुताबिक, हाथियों की लोकेशन महेशपुर जंगल में मिली है। उधर मोहम्मदी रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने जंगल में हाथियों के आने की पुष्टि करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
सड़क से निकलते समय बरतें सावधानी : डीएफओ
डीएफओ संजय बिश्वाल ने गोला-खुटार मार्ग पर चौपहिया, दो पहिया और साइकिलों से आवागमन करने वाले लोगों को आगाह किया है कि जंगली हाथियों की मौजूदगी के चलते सावधानी बरतें। यदि हाथी मार्ग पार कर रहे हों तो दूर रुककर उनके सड़क पार करने की प्रतीक्षा करें। नजदीक जाने, सेल्फी, वीडियो बनाने और उनके साथ छेड़खानी करने की कोशिश न करें, ये खतरनाक हो सकता है।