धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में होने जा रहे प्रतिनिधि सभा निर्वाचन को लेकर सुदूर पश्चिम प्रदेश के नौ जिलों में चुनावी पारा चढ़ गया है। इस बार प्रदेश की 16 निर्वाचन सीटों पर पूर्व उप प्रधानमंत्री, पूर्व मंत्रियों और दिग्गज पार्टी अध्यक्षों समेत कुल 210 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
प्रदेश के करीब 17,16,660 मतदाता इन उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। निर्वाचन आयोग ने चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। भारतीय सीमा से सटे कैलाली और कंचनपुर जिले इस बार चर्चा के केंद्र में हैं।
प्रदेश की अस्थायी राजधानी धनगढ़ी (क्षेत्र नंबर-5) में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है। यहां पुराने दिग्गजों के सामने नए चेहरों की कड़ी चुनौती है। नेपाली कांग्रेस की ओर से दो बार के जिला सभापति नर नारायण शाह, नेकपा एमाले के जिला अध्यक्ष यज्ञ ढुंगाना, पूर्व मंत्री प्रेम बहादुर आले और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के आनंद बहादुर चंद के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
कैलाली के क्षेत्र नंबर-4 से एमाले के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री लेखराज भट्ट मैदान में डटे हैं। पड़ोसी जिले कंचनपुर में भी चुनावी सरगर्मी तेज है। यहां क्षेत्र नंबर-2 से पूर्व मंत्री एनपी साऊद चुनावी मैदान में हैं। डडेलधुरा जिले की बात करें तो पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा के इस गढ़ में इस बार कांग्रेस ने नैन सिंह माहरा पर भरोसा जताया है। उधर, अछाम जिले में पूर्व उपप्रधानमंत्री भीम बहादुर रावल की उम्मीदवारी ने मुकाबले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
निर्वाचन कार्यालय के प्रमुख प्रेम राज भट्ट ने बताया कि कैलाली की पांच सीटों पर सबसे अधिक 78 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां 5,51,052 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसी तरह कंचनपुर की तीन सीटों पर 55 उम्मीदवार, जबकि डडेलधुरा में 13 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। प्रदेश में महिला उम्मीदवारों की संख्या 18 है। सुरक्षा के लिहाज से निर्वाचन आयोग ने बेहद सतर्कता बरती है।
-481 हैं अतिसंवेदनशील मतदान स्थल-
प्रदेश के कुल 1,176 मतदान स्थलों में से 395 संवेदनशील और 481 अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल के साढ़े 26 हजार जवानों के साथ-साथ नेपाली सेना की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है। प्रदेश में मुख्य मुकाबला नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के बीच होने का अनुमान है।