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व्हीलचेयर मिली न स्ट्रेचर: जिला अस्पताल की चौखट पर बीमार पति की मौत, मदद की गुहार लगाती रही पत्नी

Fri, 08 Sep 2023 12:10 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

जिला अस्पताल के गेट पर एक मरीज की मौत हो गई। आरोप है कि मरीज के बेसुध होने पर उसने ले जाने के लिए न व्हीलचेयर मिली और न ही स्ट्रेचर। बाद में साथ आए परिजन मरीज को उठाकर इमरजेंसी में ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। 
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मरीज को उठाकर ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के जिला अस्पताल की सीढ़ियों पर एक महिला को बीमार पति के लिए न तो व्हीलचेयर मिली और न ही स्ट्रेचर। आरोप है कि होमगार्ड भी ओपीडी कक्ष में एसी में बैठा रहा, वह भी मदद के लिए आगे नहीं आया। वहां मौजूद लोगों ने भी महिला की कोई मदद नहीं की, सिर्फ तमाशबीन बने रहे। किसी तरह साथ के लोग बीमार युवक को लेकर इमरजेंसी तक पहुंचे, जहां ईएमओ ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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लहरपुर तहसील क्षेत्र निवासी परमानंद की बृहस्पतिवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनकी पत्नी अपने भाई और एक अन्य युवक के साथ पति को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल की सीढ़ियों के पास परमानंद के बेसुध हो जाने पर महिला लोगों से इमरजेंसी तक पहुंचवाने के लिए गुहार लगाती रही। इस दौरान अस्पताल आने और जाने वाले लोग मजमा लगाकर तमाशा देखते रहे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। साथ आए दोनों युवक किसी तरह परमानंद को उठाकर इमरजेंसी तक ले गए, जहां पर ईएमओ ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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मृतक के साले अजय कुमार ने बताया कि काफी देर तक बहन लोगों से मदद मांगती रही, लेकिन न तो कोई आगे आया और न ही अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ही मिली। यदि किसी ने भी मानवता दिखा दी होती तो बहनोई की जान बच जाती। उनका कहना है कि होमगार्ड भी ओपीडी कक्ष में एसी में बैठा मोबाइल चलाता रहा, वह बुलाने पर भी बाहर नहीं आया। वहीं अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इमरजेंसी से लेकर जनऔषधि केंद्र के पास व्हीलचेयर और स्ट्रेचर रखवाई हुई है। स्टाफ की भी ड्यूटी लगा रखी है। तीमारदार ने जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। 

चार होमगार्ड की रहती है ड्यूटी

जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर दो और पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी तक चार होमगार्ड की ड्यूटी रहती है। ड्यूटी का समय सुबह आठ से शाम चार और फिर शाम चार से रात 12 बजे तक है। मगर, बृहस्पतिवार को ओपीडी खत्म होने के बाद पर्चा काउंटर के होमगार्ड ओपीडी के एसी कक्ष में बैठकर मोबाइल चलाने में मस्त रहे। घरवालों का कहना था कि यदि होमगार्ड मौजूद रहते तो संभव था कि मरीज की जान बच जाती।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आईके राम चंदानी ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए जनऔषधि केंद्र के पास तीन व्हीलचेयर और तीन स्ट्रेचर रखवाए गए हैं। इनको देने के लिए एक स्टाफ की ड्यूटी तक लगाई गई है। इसके अलावा होमगार्ड तक मौजूद रहते हैं। इस मामले में जानकारी कर संबंधित से मांगा जाएगा।
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