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एंटीजन में निगेटिव, आरटीपीसीआर में पॉजिटिव, ऐसे लोग अनजाने में ही बढ़ा रहे हैं संक्रमण की चेन

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corona patient - फोटो : istock
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आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में लग जाते हैं आठ से दस दिन

लखीमपुर खीरी। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच एंटीजन जांच निगेटिव, पर आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव होने से लोग अनजाने में ही कोरोना संक्रमण की चेन बढ़ाते जा रहे हैं। कारण, एंटीजन की रिपोर्ट जहां कुछ ही देर में मिल जाती है तो वहीं आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में आठ से दस दिन तक लगते हैं। जिले में इस तरह के कई केस सामने आए हैं।
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कोरोना संक्रमण रोकने के लिए उसकी चेन तोड़ना जरूरी है। इसके लिए शासन ने संदिग्धों की जांच करानी शुरू की हुई है, ताकी पॉजिटिव मिलने वालों को होम क्वारंटीन कर कोविड-19 की चेन ब्रेक की जा सके। इसके लिए संदिग्धों से लेकर पीड़ित लोगों की एंटीजन एवं आरटीपीसीआर से जांच की जा रही है। मगर आरटीपीसीआर रिपोर्ट देरी से आने के कारण शासन की यह मंशा सफल होती नहीं दिख रही। ऐसे में एंटीजन रिपोर्ट में निगेटिव रहने वाले लोग आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने तक लोगों से मिलना जुलना जारी रखते हैं, जिससे संक्रमण की चेन बढ़ती जाती है। ऐसे में संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शासन स्तर से जारी मुहिम को झटका लग रहा है।

आठ दिन बाद आ रही आरटीपीसीआर रिपोर्ट

जांच के लिए सैंपल भेजने वाले बताते हैं कि एंटीजन में तो तुरंत पता लग जाता है कि व्यक्ति संक्रमित है कि नहीं। मगर आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में समय लगता है। इसके लिए सैंपल लखनऊ भेजे जाते हैं। जहां पर कई जिलों से हजारों सैंपल आते हैं। इतनी संख्या में आए सैंपल की जांच कर रिपोर्ट बनाने में समय लगता है। इसलिए आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट में आठ से दस दिन तो कभी कभार 15 दिन तक लग जाते हैं।
  • होम क्वारंटीन-1824
  • कोरोना की दूसरी लहर में मिले संक्रमित-22489
  • शुक्रवार को एंटीजन एवं आरटीपीसीआर के सैंपल-2036
  • कोरोना से मौत-193

महकमे के पास रिकार्ड ही नहीं कि कितने एंटीजन में निगेटिव बाद में निकले पॉजिटिव

स्वास्थ्य महकमे के लोग यह तो स्वीकार कर रहे हैं कि एंटीजन में निगेटिव मिलने वाले आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव मिलते हैं। मगर अब तक कितने लोग एंटीजन के बाद आरटीपीसीआर में पॉजिटिव मिले हैं इसके बारे में कुछ बता भी नहीं पा रहे हैं।

केस- एक

1. सर्दी, जुकाम बुखार होने पर राजगढ़ निवासी मीरा ने फूलबेहड़ सीएचसी में कोविड की जांच कराई, जिसकी एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव रही। मगर लखनऊ से आरटीपीसीआर रिपोर्ट में वह पॉजिटिव निकलीं।
2. राजगढ़ निवासी राकेश की भी एंटीजन जांच रिपोर्ट निगेटिव थी लेकिन आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव निकले।
3. फूलबेहड़ निवासी जया ने सीएचसी पर जाकर जांच कराई। इनकी भी एंटीजन जांच रिपोर्ट निगेटिव रही। मगर, दिक्कत महसूस करने पर जब उन्होंने लखीमपुर के नसिरूद्दीन मौजी मैदान पहुंचकर दुबारा जांच कराई तो एंटीजन में ही पॉजिटिव निकली।
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4. गुलरिया निवासी हनीफ की एंटीजन जांच निगेटिव आई, लेकिन सात दिन बाद आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव निकले।
5. गुलरिया निवासी अंजुम की एंटीजन जांच निगेटिव थी। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां की जांच में कोरोना पॉजिटिव होने पर जगसड़ भेज दिया। जहां पर 29 अप्रैल की रात निधन हो गया। निधन के तीन दिन बाद आरटीपीसीआर रिपोर्ट में अंजुम निगेटिव निकलीं।

संक्रमण की पहचान के लिए नाक और गले का स्वाब लेकर एंटीजन के साथ आरटीपीसीआर जांच भी कराई जाती है। एंटीजन की रिपोर्ट कुछ देर में तो आरटीपीसीआर की जांच लखनऊ में होने से रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। यदि किसी की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव रहती है तो उसे संक्रमित मानकर इलाज शुरू कर दिया जाता है। मगर, निगेटिव होने पर आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है। इस दौरान सैंपल देने वाले को होम क्वारंटीन रहने के लिए कहा जाता है, जिससे आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बीच वह संक्रमण की चेन न बन सके। - डॉ. रवींद्र शर्मा, एसीएमओ एवं नोडल सैंपल कलेक्शन

कोरोना की चेन न बनने के लिए लोग रहें जागरूक

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल बताते हैं कि संक्रमण से बचने के लिए लोगों को खुद जागरूक होना होगा। कोविड-19 से बचने के लिए सबसे उपयुक्त उपाय घर पर रहना है। मजबूरीवश यदि बाहर निकलना पड़े तो दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी के नियम का पालन अवश्य करें। जांच कराने पर जब तक आरटीपीसीआर की रिपोर्ट न आ जाए तब तक होम क्वारंटीन रहकर घर में भी लोगों से दूर रहें। इस तरह सावधानी बरतकर कोरोना की चेन बनने से बचकर दूसरों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
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