जिले के पौराणिक लिलौटीनाथ शिव मंदिर में नंदी की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शहर में शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा शहर के प्राचीन भुइफोरवानाथ मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख सड़कों पर भ्रमण करते हुए बृहस्पतिवार को देर रात लिलौटीनाथ पहुंची जहां शुक्रवार को नंदी की प्राण प्रतिष्ठा की गई। साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
ललौटीनाथ मंदिर में नंदी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के पहले शहर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दोपहर बाद भुइफोरवानाथ मंदिर से निकाली गई। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। बैंडबाजे और आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा में सैकड़ों वाहन भी थे। फूलों से सजे एक विशेष वाहन पर नंदी महाराज की प्रतिमा थी।
देवी-देवताओं की दर्जनों झांकियों ने शोभायात्रा के आकर्षण में चार चांद लगा दिए। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते रथों पर सजी झांकियों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। जिस रास्ते से शोभायात्रा निकली वहां महिलाओं ने फूलों की बरसात की। शोभायात्रा में शामिल कलाकार देवी देवताओं का रूप धारण कर चल रहे थे। अप्सराओं के रूप में नर्तक नृत्य कर रहे थे।
शोभायात्रा के स्वागत के लिए शहर को तोरणद्वारों से सजाया गया था। सड़क के दोनों ओर के भवनों को रंग-बिरंगी बिजली की झालरों से सजाया गया था। जगह-जगह शिविर लगाकर शोभायात्रा में शामिल लोगों को श्रद्धालुओं ने शर्बत और ठंडा पानी पिलाया। शोभायात्रा शहर में भ्रमण करती हुई देर रात बाजे-गाजे के साथ लिलौटीनाथ मंदिर पहुंची।
शुक्रवार को लिलौटीनाथ मंदिर में वेद मंत्रों के साथ नंदी मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुरू हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों और वेद मंत्रों से नंदी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद विशाल भंडारे का आयोजन कि या गया। इसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।